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Agra: पुलिस के दावे अदालत में निकले झूठे, हत्यारोपी हुआ बरी... पिस्टल से गोली चलने की नहीं हुई पुष्टि

Sat, 17 May 2025 10:26 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

हत्या और आयुध अधिनियम के मामले में पुलिस के दावों की अदालत में पोल खुल गई। फॉरेंसिक रिपोर्ट में पिस्टल से गोली चलने की पुष्टि नहीं हुई। इतना ही नहीं गवाहों ने भी पुलिस की गलती बताई।
 
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court new - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हत्या और आयुध अधिनियम के मामले में विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में पिस्टल से गोली चलने की पुष्टि नहीं हुई। गवाहों ने भी घटना का समर्थन नहीं किया। पुलिस के ज्यादातर दावे झूठे निकले। इस पर विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावी क्षेत्र दिनेश कुमार ने ठोस साक्ष्य के अभाव में कमलानगर निवासी राजीव अग्रवाल को बरी करने का आदेश दिया।
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थाना हरीपर्वत में विशाल अग्रवाल ने केस दर्ज कराया था। पुलिस को बताया था कि 7 दिसंबर 2019 की रात 9:30 बजे उनका छोटा भाई राहुल सुभाष बाजार स्थित दुकान से स्कूटर पर सवार होकर घर लौट रहा था। रास्ते में वाटरवर्क्स चौराहे के पास कार सवार लोगों ने स्कूटर रोक ली। लूट करने की नीयत से भाई को गोली मार दी। भाई को उसके दोस्त विवेक अग्रवाल और नीरज राठौर इलाज के लिए एसएन इमरजेंसी लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटना के दूसरे दिन हत्या के आरोप में राजीव अग्रवाल को आरबीएस काॅलेज के पास से गिरफ्तार किया था। कब्जे से कार, पिस्टल और चार कारतूस की बरामदगी दिखाई थी।

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बरामद कार किसी और की
अभियोजन की तरफ से गवाही के दौरान वादी ने स्वीकार किया कि उन्होंने पुलिस को लाल कार बताई थी। पुलिस ने तहरीर में कार नीली लिख दी थी। घटना भी उनके सामने नहीं हुई थी। गवाह मनीष अग्रवाल ने कहा कि आरोपी की मोबाइल की कॉल डिटेल में उसका नंबर होने पर पुलिस ने उसे दो दिन हिरासत में रखा था। जेल भेजने की धमकी देकर बयान दिलाए थे। बरामद कार भी आरोपी की न होकर किसी भगवान दास अग्रवाल के नाम दर्ज पाई गई। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में भी मृतक के शव से बरामद बुलेट आरोपी की पिस्टल से चलने की पुष्टि नहीं हुई।

 
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