पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर डायल 100 पर घर में झगड़े से लेकर हर एक वारदात की सूचना आती है। मगर, एक सूचना ऐसी भी आई, जिसने दो महीने से पुलिस को परेशान किया हुआ था। यह सूचना थी एक महिला की हत्या कर लाश फेंके जाने की। पुलिस पहुंचती तो कुछ नहीं मिलता था।
पुलिस ने काफी तलाश के बाद सूचना देने वाली महिला को ढूंढ निकाला। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वो मूड फ्रेश करने के लिए फर्जी सूचना देती थी। परिजनों के उसके मानसिक रूप से कमजोर होने की बात कहने पर मोबाइल जब्त कर छोड़ दिया गया।
सूचना फतेहपुर सीकरी के मई बुजुर्ग गांव के लिए दी जाती थी। पुलिस के पास दो महीने से यह महिला कॉल कर रही थी। कहती थी कि एक महिला की हत्या कर दी गई है। लाश को एक स्कूल के पास फेंक दिया गया है।
दो महीने में 70 कॉल
सूचना पर पुलिस दौड़ पड़ती थी। पीआरवी के साथ अधिकारी भी पहुंच जाते थे। मगर, कुछ नहीं मिलता। जब पुलिस महिला का नंबर मिलाती तो स्विच ऑफ हो जाता। कई बार कॉल करने पर महिला कोई जवाब नहीं देती थी।
पिछले कई दिन से महिला ने कई बार कॉल किया। दो महीने में 70 बार कॉल किए। इस पर पुलिस टीम को लगाया गया। एचसीपी दयानंद ने पड़ताल की तो जिस नंबर से कॉल किए जा रहे थे, वह नरायच का निकला। पुलिस महिला के घर तक पहुंच गई।
पूछताछ में महिला फोन करने का सही कारण नहीं बता सकी। उसका पति एक फैक्ट्री में काम करता है। महिला का कहना था कि जब भी उसे मूड फ्रेश करना होता था, वो कॉल कर देती थी। उसका बेटा भी साथ देता था।
मानसिक रूप से बीमार है महिला
वहीं परिजनों का कहना था कि महिला बिहार की रहने वाली है। वो मानसिक रूप से बीमार है। उसका मनोरोग चिकित्सक से इलाज चल रहा है। इस पर पुलिस वापस लौट आई। हालांकि महिला का मोबाइल जब्त कर लिया गया है।
पुलिस ने सिम का डिटेल कंपनी से निकलवाई। इसमें पता चला कि सिम किसी पुरुष के नाम पर है। इस पर पुलिस उक्त पते पर पहुंची। तो पता चला कि सिम धारक 15 साल का किशोर है। पहले पुलिस को लगा कि वही आवाज बदलकर कॉल करता होगा, लेकिन उसकी मां फोन लेकर कॉल करती थी।