आगरा के सदर क्षेत्र में बैसाखी के सहारे भीख मांग रहीं आठ और 11 वर्ष की दो लड़कियों को पुलिस ने बुलाया तो दौड़ पड़ीं। बैसाखी छोड़कर इतनी तेजी से भागीं कि पकड़ने में पुलिस टीम का पसीना छूट गया। एक बच्चा पट्टे पर इस तरह से बैठा कि देखने में लग रहा था कि उसके पैर नहीं हैं। वह भी पट्टा छोड़कर भाग खड़ा हुआ। पुलिस ने इन तीनों को ही नहीं, कुल 14 बच्चों को थाने पहुंचाया। इन्हें बाल आश्रय गृह भेजा जाएगा।
चाइल्ड लाइन की समन्वय ऋतु वर्मा ने बताया कि उनकी टीम ने बैसाखी के सहारे भीख मांग रहीं लड़कियों से पूछताछ की तो उन्होंने कहा कि ऐसा करने से भीख आसानी से मिल जाती है। वहीं न्यू आगरा के भगवान टाकीज पर एक डेढ़ साल की बच्ची के साथ 14 साल की किशोरी थी। इस पर बालिका से पूछताछ की। उसने बताया कि मां काम पर जाती हैं। इस पर वह निकल आती हैं। जो रुपये मिलते हैं उसे मां-बाप रख लेते हैं। इससे घर का खर्च चलाते हैं। अन्य बच्चों ने भी अपनी समस्याएं बताईं।
तीन दिसंबर को एसएसपी बबलू कुमार ने सभी थानों और सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें भिक्षावृत्ति रोकने के लिए अभियान चलाने पर निर्णय लिया गया था। उधर, महफूज संस्था के समन्वयक नरेश पारस ने भी पुलिस को 45 बच्चों के भिक्षावृत्ति करने के बारे में सूची सौंपी थी। बृहस्पतिवार को थाना पुलिस, मानव तस्करी निरोधक शाखा थाना, चाइल्ड लाइन और सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों के साथ अभियान चलाया गया।