12 लाख रुपये की बन सकती थी शराब
जिला आबकारी अधिकारी अभय गंगवार ने बताया कि पकड़े गए अल्कोहल से देसी शराब की करीब 350 क्वार्टर की पेटी तैयार की जा सकती थी। जिसकी कीमत करीब 12 लाख रुपये होती। जिस ब्रांड के रेपर मिले हैं, उसकी बिक्री जिले में नहीं होती है। पड़ताल की जा रही है कि शराब बनाकर इसकी सप्लाई कहां की जाती थी।
33 लोगों की शराब से हुई थी मौत
शराब के अवैध कारोबार की बात करें तो अलीगंज क्षेत्र का नाम पहले ही काफी बदनाम है। वर्ष 2016 में अलीगंज क्षेत्र में ही जहरीली शराब से 33 लोगों की मौत हुई थी। इस दौरान करीब डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों की हालत खराब हुई थी।
अपर पुलिस अधीक्षक धनंजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि छापेमारी में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। तीन अन्य के नाम प्रकाश में आए हैं। आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।