पहले युवती की इज्जत पर हाथ डालने की नामचीन दवा व्यवसायी की हरकत से शहर शर्मशार हुआ। तो फिर कार्रवाई में पुलिस की हीलाहवाली इस जले पर नमक छिड़क रही है। जो शहर में घूरने की शिकायत पर भी फौरन रिपोर्ट दर्ज करती रही हो वही पुलिस इस मामले में दुष्कर्म के प्रयास की तहरीर लेकर भी जांच के नाम पर 48 घंटे बिता चुकी है। न रिपोर्ट दर्ज की, न ही कोई कार्रवाई। देरी का ठीकरा भी पीड़ित के ही सिर फोड़ा।
बता दें, घटना न्यू आगरा क्षेत्र की युवती के साथ घटी। वह निजी बैंक में काम करती है और अपने बीमार नाना के लिए बाग फरजाना स्थित मेडिकल स्टोर से दवा ले जाती है। यह दुकान नामचीन दवा व्यवसायी और प्रमुख राजनेता की है। रविवार को युवती नाना को इंजेक्शन लगाने के लिए वह किसी कर्मचारी को साथ ले जाने आई थी। युवती के मुताबिक कर्मचारी की जगह दवा व्यवसायी खुद ही उसकी कार में आ बैठा। रास्ते में उसके साथ छेड़छाड़ की। उसके कार रोक कर शोर मचाने पर वह भाग निकला।
युवती ने उसी रात एसपी सिटी से शिकायत की फिर थाना हरीपर्वत में उससे तहरीर ली गई। अब इस मामले में पुलिस का कहना है कि युवती बयान दर्ज कराने नहीं आई जबकि उससे दो बार संपर्क किया गया। सीओ हरीपर्वत अशोक कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस फिर युवती से मिलने की कोशिश करेगी। इधर कहा यह जाने लगा है कि दवा व्यवसायी के राजनीतिक रसूख के दबाव में पुलिस कार्रवाई से बचना चाहती है, वर्ना थाने बुलाने की बजाय खुद पीड़ित युवती के घर पहुंचती।
घर जाकर बयान क्यों नहीं लिया
महिला अपराधों पर केंद्र-प्रदेश की सरकारें सख्त हैं। महिला हेल्पलाइन 1090 पर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश हैं। पीड़िता को थाने जाने की भी जरूरत नहीं। पुलिस खुद संपर्क करके जांच करती है। इसके बावजूद एक नेता के मामले में न तो पुलिस पीड़िता से मिली, और न ही घर बयान दर्ज करने गई।
दहशत में है पीड़ित युवती
पुलिस की कार्रवाई न होने से युवती दहशत में है। वह इस मामले में किसी से बात करने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रही। अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसी आशंका में डरी हुई है। ऐसे मेें पुलिस विशेषतया महिला कर्मी पहुंचती तो उसे सुरक्षा का भी अहसास भी होता। पुलिस ने यह कोशिश भी नहीं की।
त्वरित कार्रवाई यहां भी
25 दिसंबर: वजीरपुरा का युवक ने परिवार के साथ मॉल गई आठवीं के साथ छेड़खानी की। घरवालों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया।
28 दिसंबर: पड़ोसी युवक की छेड़छाड़ से परेशान सिकंदरा क्षेत्र ने स्कूल जाना बंद कर दिया था। छात्रा के पिता की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने उसे जेल भेज दिया।
व्यवसायी ने रखा पक्ष
दवा देने से इनकार
पर रची साजिश
इस प्रकरण को साजिश साबित करने के लिए दवा व्यवसायी जगदीश वर्मा खुद सामने आ गए हैं। उन्होंने ‘अमर उजाला’ को बताया कि महिला बैंक कर्मी दो-तीन माह से उनकी दुकान से किसी डाक्टर के पर्चे पर एलप्रेक्सो.05 नामक दवा ले जाती थी। गत 27 दिसंबर को दोपहर तीन बजे भी आई और उसी दवा के चार पत्ते मांगे। बकौल वर्मा उन्होंने इसके लिए डाक्टर का नया पर्चा लाना जरूरी बताया। इस इनकार पर महिला ने उन्हें अंजाम भुगतने धमकी दी। फिर भी उन्होंने डाक्टर से पर्चा लिखाकर लाने पर ही दवा देने की बात कही। वर्मा ने बताया कि महिला के डाक्टर पूछने पर उन्होंने उसे पुष्पांजलि हास्पिटल जाने की सलाह दी। इसके बाद भी वह बार-बार दवा देने के लिए दबाव बनाती रही। उनके मुताबिक उन्होंने दवा तो नहीं दी लेकिन उन्हें शक हुआ कि वह कोई साजिश कर सकती है। इसलिए वह थाना हरीपर्वत गए और यही सूचना तहरीर में दी। अगले ही दिन महिला ने उनके खिलाफ शिकायत की।