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UP: आगरा पुलिस ने फिर की बर्बरता...दूध विक्रेता को पीटा, अंगूठे के उखाड़ दिए नाखून; चाैकी प्रभारी निलंबित

Sat, 03 Jan 2026 08:56 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

उत्तर प्रदेश के आगरा में पुलिस की बर्बरता का एक बार फिर मामला सामने आया है। पुलिस ने दूध विक्रेता को बुरी तरह पीटा। अंगूठे के नाखून तक उखाड़ दिए। 
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agra police - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के किरावली में पूछताछ के दौरान पीट-पीटकर किसान के पैर तोड़ने का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ था कि छत्ता थाने की जीवनी मंडी के दरोगा ने एक दूध विक्रेता को थर्ड डिग्री देते हुए उसके पैर के नाखून तक उखाड़ लिए। उसका टेंपो सीज किया और उसके रुपये और मोबाइल छीन कर उसे शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई कर दी। उसका दोष सिर्फ इतना था कि वह भाई के टेंपो पर बैठा था और उसे टेंपो चलाना नहीं आता था। इसी वजह से झगड़े में पकड़े गए युवकों को थाने ले जाने से मना कर दिया था। शुक्रवार को न्यायालय से जमानत के बाद पीड़ित ने अपने रिश्तेदार भाजपा नेता के साथ डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास से शिकायत की। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए दराेगा को निनलंबित कर दिया। अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
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सैंया के वीरई गांव के नरेंद्र कुशवाह अपने बड़े भाई धीरज के साथ टेंपो से आगरा में आकर घर-घर जाकर दूध बेचते हैं। टेंपो धीरज चलाते हैं। नरेंद्र को टेंपो चलाना नहीं आता है। नरेंद्र ने बताया कि शुक्रवार को रोज की तरह भाई के साथ दूध बांटने छत्ता के जीवनी मंडी चौकी क्षेत्र के गरीब नगर में आए थे। धीरज उन्हें टेंपो में छोड़कर घरों में दूध देने चले गए। सुबह 11 बजे के करीब वहां जीवनी मंडी चौकी इंचार्ज रविंद्र कुमार किसी झगड़े की सूचना पर पहुंचे थे। उन्होंने झगड़ा करने पर कुछ युवकों को पकड़ा और उनके पास आकर टेंपाे में युवकों को बिठाकर थाने ले जाने को कहा। 

उसने बताया कि टेंपो उनका भाई चलाता है,उन्हें चलाना नहीं आता है। इस बात पर पुलिसकर्मी आक्रोशित हो गए। वहीं लात - घूसों और थप्पड़ों की बरसात कर दी। इसके बाद घसीटते हुए चौकी पर ले आए। चौकी प्रभारी ने पहले जमीन पर गिराकर बुरी तरह पीटा। इसके बाद सिपाहियों से पैर के तलवे पर डंडे बरसवाए। दो डंडे पैर पर मारने से टूट गए पर किसी को उनके ऊपर रहम नहीं आया। दरोगा ने पैर का नाखून उखाड़ दिया। वह गिड़गिड़ाता रहा पर पुलिस वाले जेल भेजने की धमकी देते रहे। 
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इसके बाद दरोगा ने उनका मोबाइल और जेब में रखे 1800 रुपये छीन लिए। टेंपों में उन्हें डालकर थाने पहुंचाया और शांतिभंग में चालान कर दिया। भाई ने परिचित रिश्तेदार भाजपा नेता प्रेम सिंह कुशवाह को जानकारी दी। उन्होंने पुलिस लाइन से जमानत कराई। आरोप है कि जब वह टेंपो, मोबाइल और रुपये वापस लेने थाने गए तो मोबाइल और रुपये वापिस नहीं किए गए। इसके बाद शनिवार को उन्होंने प्रेम चंद कुशवाह के साथ जाकर डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास से मुलाकात की। अपने साथ हुई बर्बरता के निशान दिखाए। दरोगा के अलावा मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों को पहचान लेने की बात कही। सारी कहानी सुन डीसीपी भी गुस्से से लाल हो गए। थाना पुलिस से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर दरोगा रविंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया। उनकी जगह गौरव राठी को चौकी का प्रभारी बनाया गया है।
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