उत्तर प्रदेश के आगरा में गुड़ की मंडी में अधिवक्ता पीयूषचंद पाठक के घर दिनदहाड़े लूटपाट के मामले में पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। अधिवक्ता की पत्नी और भाई को बंधक बनाकर वारदात की गई थी। सरगना अर्जुन चाहर सहित दो बदमाश फरार हैं। गिरफ्तार बदमाशों का कहना है कि उन्हें अर्जुन ही लेकर आया था। वह सात दिन से रेकी कर रहा था।
एसओ एमएम गेट ने बताया कि न्यू आगरा के नगला बूढ़ी निवासी आशीष कुमार व जतिन जाटव को सर्विलांस की मदद से पकड़कर पूछताछ की गई। पुलिस ने टेढ़ी बगिया पर रहने वाले अर्जुन चाहर की पहचान कर ली लेकिन वह फरार हो गया।
सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि एक बाइक पर चार बदमाश आए थे। पकड़े गए बदमाशों के पास से एक मोबाइल, 7900 कैश, कुछ असली और नकली जेवरात बरामद किए हैं। अर्जुन चाहर और कन्हैया फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
कहा था दूर हो जाएगी गरीबी
थाना प्रभारी ने बताया कि सरगना अर्जुन चाहर मूलत: ग्राम गेहरा, कागारौल का निवासी है। वर्ष 2022 में न्यू आगरा थाने से छेड़छाड़ में जेल गया था। उसकी पहचान नगला बूढ़ी निवासी आशीष से थी। घटना से सात दिन पहले अर्जुन नगला बूढ़ी पहुंचा था। आशीष से संपर्क किया। बताया कि बड़ा काम है। गरीबी दूर हो जाएगी। आशीष ने अपने दो और दोस्तों को यह कहकर तैयार किया कि उन्हें कुछ नहीं करना। सारा काम अर्जुन ही करेगा।
यह था मामला
बृहस्पतिवार को अधिवक्ता के घर में घुसकर बदमाशों ने उनकी पत्नी जयती पाठक को लहूलुहान कर दिया था। शोर मचाने पर उनके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था। घटना के दौरान घर में आए अधिवक्ता के भाई नितिन पाठक के साथ भी मारपीट की थी, उन्हें भी बंधक बनाया था। अधिवक्ता की पत्नी ने एक बदमाश को पहचान लिया था। उसका नाम अर्जुन था।