आगरा पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। ये बदमाश दीपावली से पहले बड़ी वारदात को अंजाम देने के फिराक में थे। इनके निशाने पर शहर के तीन प्रमुख उद्यमी थे। इसमें एक बदमाश दिल्ली के पारस गैंग का कुख्यात सदस्य बताया जा रहा है, जो पहले भी आगरा में कई वारदात को अंजाम दे चुका है।
हरियाणा के बदमाश और पारस गैंग के सदस्य विनोद उर्फ दादा ने शहर के तीन प्रमुख उद्यमियों के अपहरण की योजना बनाई थी। इसके लिए उसने अपने यूपी, राजस्थान और हरियाणा के साथियों को तैयार कर लिया था। उद्यमियों के घरों की रेकी कर ली गई। फैक्ट्री और घर जाते समय कार सहित अपहरण कर आठ से दस करोड़ रुपये वसूलना चाहते थे।
एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों में कृष्ण मुरारी शर्मा (निवासी तोष, थाना वृंदावन, मथुरा), प्रवीण (निवासी इंदिरा विकास कालोनी, नवादा, थाना हाईवे, मथुरा), बलवीर सिंह (निवासी विलासगंज, थाना जगदीशपुरा), भूपेंद्र भाटी (निवासी डिफेंस कालोनी, आगरा कैंट) और अनुज शर्मा (निवासी हनुमान नगर, धौली प्याऊ, थाना हाईवे, मथुरा) हैं।
ये सामान हुआ बरामद
पुलिस ने गुरुवार रात को सिकंदरा के लखनपुर में ठेके के पीछे नगला जऊपुरा को जाने वाले रास्ते पर मुठभेड़ के बाद पांचों बदमाशों को गिरफ्तार किया। इनके पास से तीन पिस्टल, एक तमंचा, कारतूस, चाकू और काले रंग का पिट्ठू बैग बरामद किया गया।
एसएसपी ने बताया कि डकैती की योजना पारस गैंग के सदस्य रहे कुख्यात विनोद उर्फ दादा पुत्र बलवीर उर्फ महावीर (निवासी गोयला, थाना बहादुरगढ़, हरियाणा) ने बनाई थी। पारस दिल्ली का बदमाश था। पूर्व में उसकी हत्या की जा चुकी है। उसके गैंग के सदस्य अब भी सक्रिय हैं।
पकड़ा गया बदमाश बलवीर सिंह सिकंदरा स्थित एक फैक्ट्री में 2012 से 2014 के बीच कर्मचारी था। उसे पता था कि फैक्ट्री में काफी रकम लाई जाती है। इसके साथ ही वो फैक्ट्री मालिक के सीए के पास भी जाता था। यहां पर तीन फैक्ट्रियों का हिसाब रखा जाता था।
बदमाशों ने की रेकी
एक साल पहले बलवीर को किसी मामले में जेल जाना पड़ा। इसी बीच उसकी मुलाकात पारस गैंग के एक सदस्य से हो गई। इसके बाद भूपेंद्र भाटी से भी दोस्ती हो गई। भूपेंद्र भाटी के संपर्क में आने के बाद बलवीर ने फैक्ट्री मालिकों के बारे में बताया। 15 दिन पहले रेकी शुरू कर दी। पहले उद्यमियों के घर में डकैती की योजना थी। मगर, बाद में डकैती के साथ ही अपहरण की योजना बना ली गई।
लोहामंडी क्षेत्र में रहने वाले उद्यमी के घर की कई बार रेकी की गई थी। वहीं भूपेंद्र भाटी एमए अर्थशास्त्र है। उसने एक चिलिंग प्लाट पार्टनरशिप में खोला था। उसमें घाटा हो गया। दो पार्टनर उस पर रकम वापस देने का दबाव बना रहे थे। इस पर भूपेंद्र ने पार्टनर के अपहरण और हत्या का प्लान बनाया था।
वो अपने रिश्तेदार की लाइसेंसी पिस्टल किराये पर लेकर आया था। गैंग में हरियाणा और राजस्थान के बदमाश भी शामिल थे। विनोद ने ऐन वक्त पर आने का प्लान बदल दिया था। मगर, भूपेंद्र और अनुज वारदात करना चाहते थे। इससे पहले उद्यमियों की सुरक्षा में पुलिस कर्मियों को लगा दिया गया था।
चांदी व्यवसायी पर हमले में जेल भेजा था विनोद
वर्ष 2016 में थाना एमएम गेट क्षेत्र के चांदी व्यवसायी पर विनोद ने अपने साथियों के साथ जानलेवा हमला किया था। इस मामले में पुलिस ने विनोद को
गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
इंस्पेक्टर थाना सिकंदरा अजय कौशल ने बताया कि गिरफ्तार किए मथुरा के अनुज शर्मा पर 12 मुकदमे दर्ज हैं। उसने कई वारदात को अंजाम दिया है। वह एक मामले में आठ साल जेल में रहा था। इसके बाद लूट में दो साल के लिए जेल भेजा गया था। इसके बाद फिर से डकैती और अपहरण की योजना बनाई थी।