चार हजार में बन गया पुलिस वाला
आरोपी देवेंद्र चार हजार रुपये में पुलिस वाला बन गया। पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह कक्षा पांच तक पढ़ा है। कोरोना काल से पहले बिजलीघर स्थित एक दुकान से वर्दी खरीदी थी। लॉकडाउन में वो सड़कों पर निकलता था। वर्दी पहने होने की वजह से कोई रोकता नहीं था। बाद में वह वर्दी की मदद से आटो और बस में सफर करने लगा।
वर्दी देखकर चालक डर जाते थे। किराया नहीं मांगते थे। खरीदारी करने किसी दुकान में जाता था तो डिसकाउंट भी मिल जाता था। वर्तमान में वह कोई काम नहीं कर रहा था। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इस कारण सोचा कि वाहन चालकों से वसूली कर लेगा। चालान के डर से वो खुद ब खुद रकम दे देंगे। इससे वह खर्च निकाल लेगा।
शिकायत से पकड़ा गया आरोपी
थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि आरोपी देवेंद्र से 2015 रुपये बरामद किए। यह उसने आटो चालकों से वसूली कर लिए थे। मामले में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और रंगदारी की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया। उसके खिलाफ पहले से थाना हरीपर्वत में चोरी का मुकदमा दर्ज है। आरोपी ने बताया कि अबुल उलाह कट पर पुलिस कम ही रहती है। इस कट पर आटो और बस खड़ी रहती हैं। इनके चालकों को धमकाकर वसूली कर लेगा। मगर, किसी ने शिकायत कर दी। वो पकड़ा गया।