बहन ने मांगी थी अपनी रकम
उसके खाते की वैल्यू अब 10 लाख रुपये हो गई थी। उसका कारोबार भी अच्छा चलने लगा था। इस बीच बहन ने दिवाली तक अपने रुपये वापस मांगे। अब चंद्रशेखर ने एक योजना बनाई, उसने सोचा कि अगर उसके साथ कोई वारदात हो जाए तो उसे 10 लाख रुपये का बीमा मिल जाएगा। वह बहन का रुपये भी वापस कर देगा और उसका कारोबार भी जारी रहेगा।
योजना के तहत घटना वाले दिन चंद्रशेकर अपना मोबाइल घर पर छोड़कर साइकिल से सुबह शहर की ओर निकला। इसके बाद भोगांव बस स्टैंड पर साइकिल छोड़ टेंपो से मैनपुरी जाकर बैंक से रुपये निकाल कर लाया। भोगांव आने के बाद फिर से साइकिल व रुपये लेकर आलीपुर खेड़ा के लिए निकल गया।
उसने रकम को गांव के पास झाड़ियों में छिपा दिया था और साइकिल को अपनी दुकान पर खड़ी करने के बाद चौकी पुलिस को सूचना दी थी। एसपी ने कहा कि घटना में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। आईजी की ओर से टीम को 25 हजार रुपया का इनाम भी दिया गया है।
इंटरनेट पर ली थी बीमा के संबंध में जानकारी
एसपी कमलेश दीक्षित ने बताया कि आरोपी चंद्रशेखर ने इंटरनेट पर सर्च करके जाना कि यदि उसके साथ रुपये ले जाते समय लूट, चोरी आदि कोई घटना होती है, तो एटीएम एग्रीमेंट के अनुसार उसे 10 लाख रुपये का बीमा मिलेगा। इसी के चलते उसने झूठी लूट की पटकथा तैयार की थी।