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Mainpuri: पुलिस ने किया लूट का खुलासा, एटीएम संचालक ने खुद ही रची थी साजिश, गिरफ्तार

Thu, 20 Oct 2022 06:11 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

एटीएम संचालक 14 अक्तूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उससे नौ लाख रुपये लूट लिए गए थे। पुलिस ने जांच की तो शक उस पर ही गया। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरा मामला खुल गया। 
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आरोपी से बरामद हुई रकम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मैनपुरी के गांव विक्रमपुर के रहने वाले एटीएम संचालक से नौ लाख रुपये की लूट नहीं हुई थी, बल्कि उसने खुद ही बीमा के रुपये पाने के इरादे से साजिश रची थी। बुधवार को एसपी ने प्रेसवार्ता कर घटना का खुलासा किया। खुलासा करने वाली टीम को आईजी आगरा जोन की ओर से 25 हजार का इनाम भी दिया गया है।

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थाना भोगांव क्षेत्र के गांव विक्रमपुर निवासी एटीएम संचालक चंद्रशेखर ने 14 अक्तूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि शहर स्थित बैंक से रुपये निकालकर लाते समय रास्ते में कार सवार तीन लुटेरों ने नौ लाख रुपये लूट लिए थे। पुलिस मामला दर्ज करने के बाद जांच में जुटी थी। चंद्रशेखर पर भी पुलिस को शक था। 

एसपी कमलेश दीक्षित ने बताया कि चंद्रशेखर के साथ कोई लूट की वारदात हुई ही नहीं थी। यह सब उसकी एक सोची समझी साजिश थी। एसपी ने बताया कि चंद्रशेखर ने अपनी बहन से मई में 10 लाख रुपये उसके बच्चों की एफडी कराने को लिए थे। लेकिन वह रुपये उसने एफडी नहीं कराए बल्कि एटीएम संचालन में लगा दिए। 

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बहन ने मांगी थी अपनी रकम 

उसके खाते की वैल्यू अब 10 लाख रुपये हो गई थी। उसका कारोबार भी अच्छा चलने लगा था। इस बीच बहन ने दिवाली तक अपने रुपये वापस मांगे। अब चंद्रशेखर ने एक योजना बनाई, उसने सोचा कि अगर उसके साथ कोई वारदात हो जाए तो उसे 10 लाख रुपये का बीमा मिल जाएगा। वह बहन का रुपये भी वापस कर देगा और उसका कारोबार भी जारी रहेगा। 

योजना के तहत घटना वाले दिन चंद्रशेकर अपना मोबाइल घर पर छोड़कर साइकिल से सुबह शहर की ओर निकला। इसके बाद भोगांव बस स्टैंड पर साइकिल छोड़ टेंपो से मैनपुरी जाकर बैंक से रुपये निकाल कर लाया। भोगांव आने के बाद फिर से साइकिल व रुपये लेकर आलीपुर खेड़ा के लिए निकल गया। 

उसने रकम को गांव के पास झाड़ियों में छिपा दिया था और साइकिल को अपनी दुकान पर खड़ी करने के बाद चौकी पुलिस को सूचना दी थी। एसपी ने कहा कि घटना में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। आईजी की ओर से टीम को 25 हजार रुपया का इनाम भी दिया गया है।

इंटरनेट पर ली थी बीमा के संबंध में जानकारी

एसपी कमलेश दीक्षित ने बताया कि आरोपी चंद्रशेखर ने इंटरनेट पर सर्च करके जाना कि यदि उसके साथ रुपये ले जाते समय लूट, चोरी आदि कोई घटना होती है, तो एटीएम एग्रीमेंट के अनुसार उसे 10 लाख रुपये का बीमा मिलेगा। इसी के चलते उसने झूठी लूट की पटकथा तैयार की थी।
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