वृंदावन (मथुरा)। लापता हुए महंत बाल मुकुंद शरण का 20 दिन बाद भी कोई सुराग हाथ नहीं लगा। महंत की तलाश में पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले। एसओजी ने नगर में डेरा डाल दिया है। आश्रम पहुंची पुलिस ने पुजारी से पूछताछ की।
गत 12 जून की दोपहर से लापता हुए गोपाल बाग के महंत की तलाश पुलिस ने अटल्ला चुंगी स्थित आश्रम और संभावित क्षेत्रों में दुकानों और मकानों के बाहर लोगों के लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। लेकिन पुलिस को किसी तरह का सुराग हाथ नहीं लगा। वहीं नगर में पूर्व में कार्य कर चुके एसओजी टीम के सदस्यों ने नगर में डेरा डाल दिया है। वह गोपाल बाग आश्रम के निकट और संभावित ठिकानों पर पूछताछ कर तथ्य जुटाने में लगे हैं। महंत के ड्राइवर उमेश पाठक की भी तलाश की जा रही है।
ज्ञात हो कि लापता महंत को दो माह पूर्व एक संस्कृत महाविद्यालय से करीब 21 लाख रुपये मिले थे। वह संस्कृत महाविद्यालय में आचार्य थे। इसके अलावा जिस आश्रम व मंदिर में महंत रह रहे हैं वह भी करोड़ों की संपत्ति है। इस आश्रम को लेकर पूर्व में विवाद भी हुए थे। सीओ सदर रमेश तिवारी का कहना है कि महंत और उसके ड्राइवर की तलाश में टीमें लगी हैं। कई बिंदुओं को लेकर जांच पड़ताल की जा रही है।
महंत 12 जून को दो आश्रम में हुए उत्सवों में हुए थे शामिल
वृंदावन। गोपाल बाग आश्रम के निकट रहने वाले एक संत ने बताया कि 12 जून दशहरा वाले दिन महंत बालमुकुंद शरण पहले परिक्रमा मार्ग स्थित छत्तीसगढ़ कुंज गए थे। वहां उत्सव में शामिल होने के बाद वह वंशी वट स्थित सुदामा कुटी पहुंचे। यहां भंडारा प्रसाद भी उन्होंने और उनके ड्राइवर ने लिया था। संत उन्हें वहीं सुदामा कुटी में बैठा छोड़कर आए थे।