माफिया मोती के अंत के बाद भाइयों की गिरफ्तारी का लक्ष्य तय कर चुकी पुलिस को अभी सफलता नहीं मिल पाई है लेकिन पुलिस का प्रयास बरकरार है। दोनों की तलाश में पुलिस टीमें लगातार खादर में कांबिंग कर रही हैं। पड़ोसी जिलों की पुलिस से भी संपर्क बनाए हुए हैं। जल्द ही गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
9 फरवरी की वारदात के बाद पुलिस लगातार ऑपरेशन चला रही है। अब तक माफिया मोती और उसके भाई एलकार की मुठभेड़ में मौत हो चुकी है। मां सियारानी, मौसेरा भाई नवाब सिंह, मौसा रामेश्वर, ममेरा भाई गुड्डू जेल भेजा जा चुका है। जबकि माफिया के भाई मौहर सिंह एवं मानपाल फरार चल रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी का लक्ष्य तय कर चुकी है। पुलिस की टीमें लगातार खादर में कांबिंग कर रही हैं, वहीं पड़ोसी जिलों की पुलिस से भी संपर्क बनाए हुए है। फर्रुखाबाद, बदायूं जिले में भी पुलिस की टीमें गई हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
संदिग्धों का भी चिह्नांकन
पुलिस फरार दोनों भाइयों की तलाश के लिए संदिग्धों को भी चिह्नित कर रही है ताकिसंदिग्धों से पूछताछ कर दोनों भाइयों की गिरफ्तारी में सफलता मिल सके। जिले में ही नहीं बल्कि पड़ोसी जिलों में भी संदिग्ध चिह्नित किए जा रहे हैं।
वर्जन-
- फरार दोनों भाइयों की तलाश में टीमें जुटी हुई हैं। कोशिश की जा रही है कि जल्द से जल्द गिरफ्तारी कर ली जाए। सभी टीमें लक्ष्य तय कर चुकी हैं। आसपास के जिलों की पुलिस भी सहयोग कर रही है। - मनोज सोनकर, एसपी।