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अगर आप कासगंज में हैं तां भविष्य में जरूर लें हरियाली का आनंद

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कासगंज का गंगावन - फोटो : KASGANJ
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पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उठाए जा रहे कदम सफलता की ओर बढ़ रहे हैं। प्रदेश में पौधरोपण का इतिहास रच चुके प्रशासन ने इसी कड़ी में अब एक नई पहल की है। पहल है गंगावन से भागीरथी वन को जोड़े जाने की। इसके लिए दोनों वनों के बीच वृक्षों का ग्रीन कॉरिडोर बनाने की कार्ययोजना तैयार की गई है। राजस्व विभाग ने गंगा की खादर में सरकारी जमीन चिह्नित कर वन विभाग को सौंप भी दी है।
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गौरतलब है कि जिले में दो साल पहले चंदनपुर घटियारी के समीप गंगावन बनाया गया था। उस समय राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इस वन में पौधरोपण कर प्रदेश के लिए इसे प्रेरणास्रोत बताया था। पिछले साल सोरों के दतलाना में भागीरथी वन रोपित किया गया। यह वन भी प्रदेश में एक नया इतिहास रच गया। अब प्रशासन और वन विभाग एक और इतिहास रचने की तैयारी में जुटा हुआ है, लेकिन इस बार पहल कुछ अनूठी है।
राजस्व विभाग ने जमीन चिह्नांकन में पाया है कि गंगावन से भागीरथी वन के बीच बड़े क्षेत्रफल में राजस्व विभाग की जमीन है जिस पर पौधरोपण किया जा सकता है। तहसील प्रशासन ने इस जमीन को चिह्नित कर वन विभाग के सुपुर्द कर दिया है, तो वहीं वन विभाग ने भी कार्ययोजना बना ली है। अब इन दोनों वनों को जोड़ने की तैयारी है। दोनों वनों के बीच सरकारी जमीन पर पौधरोपण किए जाएंगे और इसे ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा।
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यह है उद्देश्य
वृक्षों का कॉरिडोर बनाने के पीछे वन विभाग का उद्देश्य पर्यावरण-संरक्षण तो है ही, साथ ही इससे पशु-पक्षी भी दोनों वनों के बीच कॉरिडोर में विचरण कर सकेंगे और संरक्षण पाएंगे। वहीं कॉरिडोर में लगे औषधि और फलों के पौधों से किसानों को लाभ पहुंचाया जाएगा।
आंकड़े की नजर से-
- 800 हेक्टेयर जमीन इन दोनों वनों के बीच अब तक की जा चुकी है चिह्नित।
- 1.21 लाख पौधे गंगावन में बन रहे हैं वृक्ष।
- 3.51 लाख पौधे भागीरथीवन में बन रहे हैं वृक्ष।
- 21 लाख पौधे इस साल पूरे जिले में रोपने का है लक्ष्य।
- 800 हेक्टेयर क्षेत्रफल जमीन का हुआ चिह्नांकन
वर्जन-
- गंगावन और भागीरथी वन के बीच नदी के किनारे पर्याप्त सरकारी जमीन है। पौधरोपण के लिए इस जमीन का चिह्नांकन कर लिया गया है और वन विभाग को जमीन दे दी है। - ललित कुमार, एसडीएम।
- जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी की पहल से जमीन को चिह्नित किया गया है। अब गंगावन और भागीरथी वन को जोड़ा जाएगा। यहां हरियाली के लिए ग्रीन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। - दिवाकर वशिष्ठ, डीएफओ।

कासगंज में प्रस्तावित ग्रीन कॉरिडोर का नक्शा- फोटो : KASGANJ

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