आगरा। सर्दी लगने से बच्चों में निमोनिया की परेशानी बढ़ गई है। एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में डेढ़ गुना मरीज बढ़ गए हैं। इनकी पसली तेज चल रही है। हालत खराब मिलने पर 10-12 मरीज भर्ती करने पड़ रहे हैं। वहीं प्रदूषण बढ़ने से अस्थमा पीड़ित बच्चों की भी दिक्कत बढ़ गई है।
एसएन के बाल रोग विभाग के डॉ. नीरज यादव ने बताया कि दो साल तक के बच्चों में निमोनिया मिल रहा है। तेज बुखार के साथ पसली भी तेज चल रही है। सोमवार को ओपीडी में 170 मरीज आए। इनमें 68 बच्चों में निमोनिया मिला। इसके अलावा शादी-समारोह में ठंडी सामग्री खाने-पीने से वायरल बुखार के भी मरीज आ रहे हैं।
इनमें गले में दर्द, सूजन, खांसी-जुकाम के साथ उल्टी भी हो रही है। इमरजेंसी में रोजाना 5-6 बच्चे भर्ती हो रहे हैं। ओपीडी में से भी 3-5 मरीज भर्ती कराते हैं। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. निखिल चतुर्वेदी ने बताया कि जिन बच्चों को अस्थमा की परेशानी है, उनकी हालत भी खराब मिल रही है। सांस लेने में परेशानी भी हो रही है। धूल-धुआं के संपर्क में आने पर मर्ज ज्यादा बढ़ी मिल रही है। इनको दवाएं देने के साथ अभिभावकों को बचाव के बारे में भी बताया जा रहा है।
मरीजों की भीड़, पर्चे के लिए मारामारी
- एसएन की ओपीडी में सोमवार को मरीजों की भारी भीड़ रही। ओपीडी में 3480 मरीज पहुंचे। मेडिसिन विभाग में 704, हड्डी रोग विभाग में 344, त्वचा रोग विभाग में 305, वक्ष एवं क्षय रोग विभाग में 284 और ईएनटी रोग विभाग में 238 मरीज आए। सुबह 10 से एक बजे तक हॉल ठसाठस भरा रहा। पर्चे और दवा के लिए मरीजों को धक्का-मुक्की और मारामारी झेलनी पड़ी। इससे बुजुर्ग मरीजों को ज्यादा परेशानी हुई।
ऑनलाइन पर्चे के काउंटर बढ़े
यमुना ब्रिज निवासी देवेंद्र सिंह ने बताया कि पिता को सीने में जकड़न और बुखार आने पर दिखाने लाया। इसमें पर्चा बनवाने के बाद डॉक्टर को दिखाने और फिर दवा लेने के लिए दो से ढाई घंटे लग गया। पर्चा और दवा के लिए मैं खुद लाइन में लगा। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि ऑनलाइन पर्चा बनवाने के काउंटर बढ़ा दिए हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- शादी-समारोह में बच्चों को आइसक्रीम, कोल्डड्रिंक्स से बचाएं।
- बच्चा अस्थमा पीड़ित है तो धूल-धुआं वाले क्षेत्र में जाने पर मास्क लगाएं।
- बच्चों को ठंड से बचाएं, पसली तेज चलने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।
- बुखार-खांसी होने पर बच्चों को स्कूल न भेजें, बच्चों को पौष्टिक भोजन दें।