घोटाले की जांच के लिए खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा
सामाजिक कार्यकर्ता अधिवक्ता प्रह्लाद कृष्ण शुक्ल ने निजी संस्थानों को दिए गए वेंटिलेटर की जांच के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर पत्र को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करने की अपील की है।
अधिवक्ता ने बताया कि वैश्विक आपदा के सामने आम जनमानस के लिए जीवन जीना ही किसी संघर्ष से कम नहीं है। ऐसे समय में जहां केंद्र और राज्य सरकारें अपने 100 फीसदी प्रयास जनहित में समर्पित कर रही हैं। वहीं प्रशासन के अधिकारियों और समाजसेवा के नाम पर कुछ निजी मेडिकल संस्थानों द्वारा कोविड-19 के विरुद्ध इस संघर्ष में आम आदमी के साथ न्याय करने के बजाए इस आपदा को असंवेदनशीलता का पर्याय बनाकर रख दिया गया है।
सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि यदि यह 20 वेंटिलेटर सरकारी अस्पताल में लगाए जाते तो गरीब मरीजों को इनका नि:शुल्क लाभ भी मिल सकता था। पत्र में मुख्य न्यायाधीश से जिला प्रशासन द्वारा बरती गई अनियमितता की जांच कराने की मांग की है।