यूं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को ढेरों सौगात देंगे, लेकिन ताजनगरी की दो बड़ी उम्मीदों के पूरा होने के आसार कम लग रहे हैं। ये हैं हाईकोर्ट बेंच और एयरपोर्ट। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो चार जनवरी को ही कह गए थे कि खंडपीठ उनके हाथ में नहीं है। प्रधानमंत्री ने भी मंगलवार को जो ट्वीट किए, इनमें खंडपीठ का जिक्र नहीं है। न ही एयरपोर्ट के शिलान्यास की बात कही गई है।
एयरपोर्ट की मांग लंबे समय से चल रही है। खुद नरेंद्र मोदी ने 2013 की रैली में कोठी मीना बाजार से कहा था कि एयरपोर्ट आगरा की जरूरत है लेकिन यह मुद्दा केंद्र और प्रदेश सरकार के बीच फुटबाल बना हुआ है। उस समय मोदी भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे।
केंद्र में यूपीए की सरकार थी और प्रदेश में सपा की। आगरा में जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट लागू कर हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के मुद्दे पर उन्होंने न तब कुछ कहा था और न ही नवंबर 2016 की रैली में। यह रैली भी कोठी मीना बाजार में नोटबंदी के एलान के 14 दिन बाद हुई थी।
आगरा रैली को लेकर किए दो ट्वीट
उस समय नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री थे। प्रदेश में सपा की सरकार थी। रैली में बात सिर्फ नोटबंदी की हुई थी। इस बार की रैली को यूपी में लोकसभा चुनाव का शंखनाद माना जा रहा है। इस कारण उम्मीद थी कि मोदी एयरपोर्ट का तोहफा देंगे और खंडपीठ पर रुख साफ करेंगे, लेकिन उन्होंने रैली से पहले मंगलवार को जो ट्वीट किए, उनमें इन मुद्दों का जिक्र नहीं है।
पहले ट्वीट में गंगाजल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार शाम को साढ़े सात बजे पहला ट्वीट किया। इसमें लिखा, आगरा के लोगों के बीच जाने के लिए उत्सुक हूं। यहां गंगाजल परियोजना का उद्घाटन किया जाएगा। इससे जलापूर्ति में सुधार होगा। साथ ही शहरवासियों और पर्यटकों को खासा लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य, स्वच्छता और शिक्षा से संबंधित परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया जाएगा।
दूसरे में स्मार्ट सिटी
इसके छह मिनट बाद एक और ट्वीट किया गया। इसमें लिखा, आगरा में स्मार्ट सिटी के एकीकृत कमांड और नियंत्रण कक्ष का शिलान्यास किया जाएगा। साथ ही एसएन मेडिकल कॉलेज की उच्चीकरण योजना का शिलान्यास किया जाएगा।
आगरा में तीसरी रैली
नरेंद्र मोदी पहली रैली 21 नवंबर 2013 को की। उस समय वो भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे। लगभग आधा घंटे का भाषण दिया था। तीन मुद्दे प्रमुखता से उठाए थे। आगरा में पेयजल व्यवस्था खराब है। पर्यटकों के लिए एयरपोर्ट नहीं है। आलू किसानों के लिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट नहीं है।
प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने दूसरी रैली 20 नवंबर, 2016 को की थी। इसमें लगभग 37 मिनट के भाषण में नोटबंदी के फैसले को सही ठहराते रहे। प्रधानमंत्री आवास योजना की घोषणा की थी। कहा था कि डब्बे नहीं, अच्छे मकान बनाकर देंगे।
लोकसभा चुनाव 2019 से पहले नरेंद्र मोदी की आगरा में यह तीसरी रैली है। यह पिछली दोनों रैलियों से कई मायने में अलग होगी। इसमें तमाम योजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण किए जाएंगे। साथ ही सवर्ण आरक्षण पर मोदी काफी बात कर सकते हैं।