लोकसभा चुनाव 2024 के लिए आगरा के कोठी मीना बाजार में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में पीएम मोदी जनसभा करने आ रहे हैं। 25 अप्रैल को होने वाली इस जनसभा को लेकर तैयारियां पूरी हैं। वहीं जनसभा के बाद अधिवक्ता पीएम मोदी से मिलने के प्रयास में हैं, जिससे वे 10 साल पहले यानि वर्ष 2013 में किया गया हाई कोर्ट बैंच का वादा उन्हें याद दिला सकें।
आगरा के अधिवक्ताओं की एक आवश्यक बैठक पश्चिमी उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण जनमंच संयोजक चौधरी अजय सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें एक स्वर से कहा गया कि 2013 में कोठी मीना बाजार में आयोजित सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाईकोर्ट बेंच स्थापना का वादा किया था। लेकिन अब उनके यह बात जेहन तक में नहीं है। यह बड़ा सोचनीय विषय है।
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बैठक में एक स्वर से निर्णय लिया गया कि सभी अधिवक्ता अगर प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री से मिलने का समय नहीं दिलाया गया तो फिर अपनी आवाज को उठाने के लिए एकजुट हो कर प्रधानमंत्री की सभा के लिए कूच करेंगे। वी वांट हाईकोर्ट के नारे लगाते हुए सभा में पहुंचेंगे।
प्रधानमंत्री का ध्यान हाई कोर्ट बेंच की ओर आकर्षित करने के लिए कोशिश करेंगे। बैठक में प्रमुख रूप से हृदय कुमार यादव, दिलीप फौजदार, अजय दीक्षित, उमेश दीक्षित, अखिलेश यादव, फूल सिंह चौहान, सतीश कुमार शाक्य, प्रशांत सिंह, विक्रम सिंह राणा, सुनील कुमार बंसल, अमर सिंह कमल, उदयवीर सिंह, शिवकुमार सैनी आदि रहे। बैठक का संचालन पवन कुमार गुप्ता ने किया।
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वही राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमाशंकर शर्मा एडवोकेट ने कहा है कि यह बड़े दुर्भाग्य की बात है कि सन 1866 में आगरा में पूरा हाईकोर्ट था, जो अंग्रेजों ने यहां पर देश भक्तों की गतिविधियों के कारण वर्ष1868 में इलाहाबाद ले गए। तब से लेकर आज तक अधिवक्ता अनेकों बार तरह-तरह के प्रदर्शन कर चुके हैं। केंद्रीय मंत्रियों से मिल चुके हैं। कानून मंत्री को भी ज्ञापन पर सौंप गए, लेकिन केंद्र और प्रदेश में अलग-अलग सरकार होने के कारण सरकारें बहाना बनाती रहीं। अब केंद्र और प्रदेश में एक ही पार्टी भारतीय जनता पार्टी की सरकार होने के बावजूद भी पिछले 10 वर्षों से सरकार मौन साधे हुए हैं। यहां तक कि केंद्र में कानून राज्य मंत्री रहे एसपी सिंह बघेल तथा यहां के सांसद, विधायकगण भी पूरी तरह से इस मुद्दे पर मौन साधे हुए हैं।