पीएम आवास योजना धांधली में गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
पीएम आवास योजना शहरी क्षेत्र में हुईं धांधली की परतें खुलना शुरू हो गई हैं। जांच के बाद मटसेना पुलिस ने लाभार्थियों से आवास निर्माण की राशि जारी कराने के नाम पर कमीशन के खेल में संलिप्त निजी कंपनी के पांच सर्वेयर के खिलाफ फर्जीवाड़ा और जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया है। पकडे़ गए लोगों में एक दलाल भी है। पुलिस ने तीन कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया।
डीएम सेल्वा कुमारी जे. ने मार्च में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभार्थियों की स्थलीय जांच के निर्देश दिए थे। योजना के लाभार्थियों की जांच में जुटे हैं। सदर तहसील में तैनात एक राजस्व निरीक्षक की जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना मटसेना पुलिस ने डूडा कार्यालय के अधीन कार्यरत एक निजी कंपनी सरजू बाबा इंजीनियरर्स लिमिटेड लखनऊ के पांच सर्वेयर/ग्रुप लीडरों के विरुद्ध जालीसाजी और फर्जीवाडे़ का मुकदमा दर्ज किया है।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद थाना पुलिस ने एक सुभाष नामक कर्मचारी को पीओ डूडा कार्यालय से पांच अप्रैल की शाम को पूछताछ के लिए बुलाया। दो अन्य को सिविल लाइंस स्थित सरजू बाबा इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय से गिरफ्तार किया।
एक अन्य विजय कुमार को भी पुलिस ने छह अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया। उसे भी बाद में गिरफ्तार कर लिया। जिन कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है उन सभी पर फर्जी तरीके से पीएम आवास योजना के लाभार्थियों की पत्रावली तैयार करने, प्रथम व द्वितीय किस्त जारी कराने के नाम पर लाभार्थियों से पांच-पांच हजार का कमीशन वसूलने का आरोप है।
इन कर्मचारियों को किया गिरफ्तार पुलिस ने एसबीईएनजी लखनऊ के सुभाष निवासी रामनगर, धीरज कुमार निवासी हिमांयूपुर, प्रदीप कुमार निवासी छारबाग, विजय कुमार निवासी प्रेमनगर डाक बंगला को गिरफ्तार किया है।
कलस्टर इंचार्ज संतोष चोगले का कहना है कि जिन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है वो फील्ड में नहीं जाते हैं। हमारे पास शासनादेश है। सभी आरोप गलत हैं। कंपनी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
डूडा के पीओ अनुपम गर्ग ने बताया कि पुलिस ने पीएम आवास के लाभार्थियों का सर्वे करने वाले तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार करने की जानकारी है। पूरी योजना में कहीं कोई फर्जीवाड़ा नहीं है।
एडीएम फिरोजाबाद छोटे लाल वर्मा का कहना है कि पीएम आवास योजना के नाम पर जिन लोगों को गिरफ्तार किया है ये लोग सर्वे के नाम पर लोगों से दस-दस हजार रुपये एडवांस ले रहे थे। रामनगर क्षेत्र में सुभाष कुमार, महादेव नगर में हिमांशु और धीरज कुमार और छारबाग में प्रदीप कुमार ग्रुप लीडर हैं। दो अन्य लोगों में दुर्गेश नगर के मोहम्मद इश्त्याक और प्रेम नगर डाकबंगला के विजय कुमार हैं। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।