आगरा। आगरा फोर्ट और ईदगाह रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर लकड़ी का टुकड़ा रखकर ट्रेन संचालन को बाधित करने और दुर्घटनाग्रस्त करने की गंभीर साजिश रची गई। हालांकि समय रहते लोको पायलट की सतर्कता से सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई। जीआरपी ने रविवार को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की तो मामला खुला।
बीते बुधवार की रात करीब 9:33 बजे अजमेर-आगरा फोर्ट इंटरसिटी रावली पुल के पास (किलोमीटर संख्या 83/4-ए) गुजर रही थी। लोको पायलट राजेंद्र सिंह और सहायक लोको पायलट रिभुवन सिंह ने ट्रैक पर लकड़ी पड़ी देखी। उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी और ट्रैक से लकड़ी हटाकर रवाना हुए। यदि जरा सी भी चूक होती तो ट्रेन बेपटरी होकर पलट सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था। आरपीएफ आगरा फोर्ट के निरीक्षक प्रियवृत दहिया की तहरीर पर रविवार को जीआरपी आगरा फोर्ट में रेलवे अधिनियम की धारा 150 के तहत मामला दर्ज किया गया।
वर्जन:
- घटनास्थल के पास मेट्रो का कार्य चल रहा है और वहां गार्ड भी तैनात है। इसके बावजूद ऐसी घटना होना बेहद गंभीर है, जांच जारी है। - राजेश दीक्षित, सीओ जीआरपी
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
फरवरी से मई के बीच वंदे भारत, पंजाब मेल, कर्नाटक संपर्क क्रांति और गोंडवाना एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 7 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। जीआरपी ने 10 संवेदनशील स्थल चिह्नित कर 46 जागरूकता बैठकें भी कीं लेकिन संदिग्ध बाज नहीं आ रहे। लोगों का आरोप है कि ऐसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षाकर्मी तैनात होने थे जो अब तक नहीं किए जा सके हैं। यही वजह है कि असामाजिक तत्व बेखौफ होकर ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।