कासगंज। केंद्र सरकार ने ग्रामीणों को आवास एवं आवासीय भूमि का मालिकाना हक देने के लिए स्वामित्व योजना लागू की है। इस योजना के लागू हो जाने से ग्राम पंचायतों में बने भवनों, आवासीय भूमि का सर्वे हो सकेगा। शासन से मिले निर्देश के बाद जिला पंचायत राज विभाग ने इस योजना को क्रियान्वयन में लाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। अभी तक शासन-प्रशासन के पास ग्राम पंचायत में सरकारी एवं कृषि योग्य भूमि आदि का ही ब्योरा संग्रहित है। ग्राम पंचायतों में बने मकानों एवं आवासीय भूमि का कोई भी रिकॉर्ड आज तक नहीं बना है।
जिससे ग्राम पंचायतों में अक्सर विवाद होते रहते हैं। विवादों पर अंकुश लगाने के लिए ही शासन ने स्वामित्व योजना लागू की है। इस योजना के लागू हो जाने के बाद ग्राम पंचायतों में बने भवनों या आवास के लिए चयनित भूमि का रिकॉर्ड तैयार हो जाएगा। इस कार्य को करने के लिए विभाग ड्रोन कैमरे की सहायता लेगा। हवाई सर्वे के माध्यम से ग्राम पंचायतों में बने भवनों का सर्वे होगा। राजस्व एवं जिला पंचायत राज विभाग मिलकर इस कार्य को करेंगे। इसके साथ ही विवादित संपत्तियों पर किए गए दावे आपत्तियों का भी निस्तारण होगा।
सर्वे से पहले चूना डालकर होगा चिह्नांकन
ग्राम पंचायतों के आबादी क्षेत्र का सर्वे कराने से पहले चूना डालकर चिह्नांकन किया जाएगा। इस कार्य को लेखपाल, ग्राम पंचायत सचिव मिलकर करेंगे। आबादी क्षेत्र का एक नक्शा तैयार होगा जिस ग्रामीण का संपत्ति पर दावा साबित होगा उसे आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराए जाएंगे।