श्राद्ध कर्म का पालन पुराणों में बताया गया आवश्यक
ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि पितृपक्ष में पितृ ऋण से मुक्त होने के लिए पुत्र को श्राद्ध कर्म का पालन पुराणों में आवश्यक बताया गया है । गरुण पुराण में कहा गया है कि जिस तिथि पर पितृ पृथ्वी को त्यागकर परलोक जाते हैं पितृ पक्ष की उसी तिथि पर पितृगण वायु रूप धारण करके घर के दरवाजे पर दस्तक देते हैं ।
कौवा, गाय, कुत्ता, चींटी को सर्वप्रथम ग्रास प्रदान करें
पंडित मदन मोहन रावत ने बताया कि पितृ पक्ष में श्राद्ध के 15 दिनों में श्राद्ध कर्म, पिंडदान और तर्पण का अधिक महत्व माना जाना है।
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