आगरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने हाथों में झाड़ू थामी, फोटो खिंचवाईं और सुर्खियां बटोरीं। सोशल मीडिया पर साफ-सुथरी तस्वीरें भी पोस्ट की गईं। महज एक दिन बाद ही स्वच्छता ही सेवा अभियान की हकीकत बेनकाब हो गई।
शहर के मंदिरों, अस्पतालों, आवासीय कॉलोनियों, रेलवे स्टेशन और स्मारकों के पास कचरे के ढेर लगे नजर आए। 156 घंटे के महाभियान और एक माह के विशेष अभियान के पहले 36 घंटे में सड़कों पर कोई बदलाव नहीं दिखा। शहर के 100 वार्डों में झाड़ू लगाकर सफाई के दावे किए गए। सफाई के खोखले दावों के बीच शहर की सड़कें कचरे से भरी नजर आईं।
- बाग फरजाना- स्कूल के पास और विधायक के घर के सामने ही कचरे का ढेर लगा है।
- सेक्टर 16- पुष्पांजलि गार्डेनिया के पास बरगद के पेड़ के नीचे पूजा के लिए बनाए गए चबूतरे के पास कचरा पड़ा दिखा।
- आवास विकास- 400 मीटर लंबी सड़क पर अस्पताल के नजदीक कचरे के ढेर दोनों ओर लगे हैं।
- पर्यटन थाना : फतेहाबाद रोड पर ताजनगरी में विदेशी पर्यटकों की आवाजाही के बीच सड़क पर ऐसा हाल दिखा।
पार्षदों ने साधा निशाना
बसपा पार्षद कप्तान सिंह ने कहा कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन बंद है। सड़कों पर लगे कचरे के ढेर इसका सबूत हैं। सफाई के अभियान के नाम पर केवल फोटो खिंचाए गए हैं। हम हर दिन निगम की पोल खोलेंगे। राजनगर के बसपा पार्षद बंटी माहौर ने भी निशाना साधते हुए कहा कि अगर पहले से सफाई हो रही थी तो मेयर, नगर आयुक्त को झाड़ू लगाने की नौबत ही क्यों आई। सिकंदरा से आगरा कैंट तक रेल लाइन के किनारे कचरा डाला जा रहा है। आगरा की छवि खराब हो रही है।
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स्वच्छता ही सेवा अभियान एक माह तक चलेगा। इस विशेष अभियान में खाली प्लॉट, नए डलावघर समेत सभी जगहें शामिल की जा रही हैं। कुछ दिनों में फर्क दिखेगा। - संतोष कुमार वैश्य, नगर आयुक्त
गंदगी के ढेर।
गंदगी के ढेर।
गंदगी के ढेर।