दिल्ली गेट स्थित सरकार नर्सिंग होम की छत पर बाबा साहब और महात्मा बुद्ध की तस्वीरों वाले टाइल्स लगाए गए थे। इस पर लोग गंदगी कर रहे थे। पता चलने पर आजाद समाज पार्टी के महानगर अध्यक्ष शानू मोहम्मद, विक्की आजाद, शशांक बौद्ध, आकाश, विनय, केशव, हैप्पी सहित दर्जनों कार्यकर्ता नर्सिंग होम में पहुंचकर हंगामा करने लगे।
उनका कहना था कि साजिशन फर्श पर इन महापुरुषों की तस्वीरों वाले टाइल्स लगाए गए हैं। कहासुनी बढ़ने पर हरीपर्वत थाने की पुलिस पहुंच गई। पुलिस और कार्यकर्ताओं में हाथापाई होने पर पुलिसकर्मी की वर्दी के बटन टूट गए। पुलिस ने पांच कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और उन्हें थाने ले आए।
इसके बाद बसपा के जिलाध्यक्ष विमल कुमार, सविता, आमिर उस्मानी, श्याम प्रकाश बोधि समेत दर्जनों आंबेडकर अनुयायी थाने पहुंच गए। हंगामा बढ़ने पर अपर पुलिस आयुक्त रामबदन सिंह, एडीसीपी आदित्य, एसीपी हरीपर्वत विनायक भोंसले ने लोगों को समझाया। कई बार कार्यकर्ताओं से बहस हुई। अधिकारियों ने कहा कि ओछी हरकत करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
दो घंटे तक चली बहस
आंबेडकर अनुयायियों और पुलिस के बीच करीब दो घंटे तक बहस होती रही। आजाद समाज पार्टी के नेताओं का कहना था कि उनके कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने मारपीट की। पुलिस का कहना था कि कार्यकर्ताओं को समझाने पर वह पुलिस के साथ मारपीट पर उतारू हुए थे। बाद में आजाद समाज पार्टी की ओर से अस्पताल संचालक और वहां काम कर रहे सत्यप्रकाश नामक व्यक्ति के विरुद्ध तहरीर दी गई। देर शाम कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया। एसीपी विनायक भोंसले ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है।