बांकेबिहारी मंदिर में सजा फूल बंगला (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
चैत्र माह की एकादशी पर वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध बांकेबिहारी मंदिर में ठाकुर जी बिना फूल बंगले के ही रहे। न तो ठाकुर जी गर्भगृह से निकले और न ही फूल बंगला सजाया गया। न्यायालय ने भी फूल बंगला सजने संबंधी निर्णय सशर्त गोस्वामीगणों के स्वविवेक पर ही छोड़ दिया। वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार गोस्वामीगणों ने एकादशी पर फूल बंगला नहीं सजाया। वर्षों पुरानी यह परंपरा कोरोना वायरस के कारण शनिवार को टूट गई।
फूल बंगला
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प्रतिवर्ष एकादशी से ठाकुर बांकेबिहारी जी के फूल बंगले प्रारंभ हो जाते थे। एकादशी पर ठाकुर जी गर्भगृह से बाहर आते थे। गोस्वामीगणों द्वारा बाहर ही ठाकुर जी की शृंगार आरती से लेकर शयन आरती की जाती थी, लेकिन इन दिनों कोरोना वायरस के कारण मंदिर को आमजन के लिए बंद कर दिया गया है।
बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत
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बांकेबिहारी मंदिर में सेवा करने वाले सिर्फ चार-पांच गोस्वामीगणों का ही प्रवेश हो रहा है। बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनेश शर्मा ने बताया कि न्यायालय ने इन्हीं संसाधनों में फूल बंगला संबंधी निर्णय गोस्वामीगणों पर छोड़ दिया है। शयनकालीन सेवायत सुरेश चंद गोस्वामी ने बताया कि कोरोना के कारण उनके पास संसाधन नहीं हैं, जिससे फूल बंगला सजाए जा सकें।
फूल बंगला (फाइल)
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एक फूल बंगला में लगते हैं करीब 700 किलो फूल
प्रतिवर्ष सजने वाले फूल बंगले में एक बार में करीब 700 किलो फूलों की आवश्यकता होती है। यह फूल स्थानीय बगीचों से बहुत कम लिए जाते हैं। अधिकांश फूल दिल्ली आदि स्थान से आते थे। इसके अलावा फूल मिलने के बाद बंगला तैयार करने में करीब 15-20 मजदूर चाहिए। कोरोना की बंदिशों के चलते यह सब संभव नहीं हो पा रहा है।
निधिवन में संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास जी की समाधि
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स्वामी श्री हरिदास जी की समाधि पर भी नहीं आए फूल
निधिवन राज स्थित संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास जी की समाधि पर भी एकादशी के पहले दिन फूलों का शृंगार नहीं हो सका। एकादशी पर सेवायत विक्की गोस्वामी ने सजावटी फूल तथा पत्तियों से सजावट कराई। उन्होंने बताया कि निधिवन राज मंदिर में कोरोना के कारण फूल तथा कारीगर नहीं आ पाएंगे। न्यायालय के आदेश के अनुरूप ही कार्य किया जाएगा।
परिक्रमा मार्ग
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न लगी परिक्रमा और न ही हुआ यमुना स्नान
एकादशी के दिन न तो वृंदावन की परिक्रमा ही लगी और न ही यमुना स्नान हो सका। कुछ श्रद्धालु सुबह-सुबह परिक्रमा करने के उद्देश्य से परिक्रमा मार्ग में गए भी तो पुलिस ने उन्हें समझाकर वापस कर दिया। कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार दुबे ने बताया कि किसी भी व्यक्ति को परिक्रमा नहीं करने दी।
फूल बंगला (फाइल)
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केवल हवेली के बगीचों की फूलों से ही होगा ठाकुर जी का शृंगार
इन दिनों ठाकुर बांकेबिहारी जी के निज बगीचे यानि हवेली स्थित बगीचे के फूलों से ही ठाकुर जी की फूल सेवा होगी। यह जानकारी देते हुए सेवायत नितिन सांवरिया गोस्वामी ने बताया कि इन फूलों से ठाकुर बांकेबिहारी जी, श्री राधा रानी जी तथा स्वामी हरिदास जी की माला तथा बिहारी जी के कुंडल तैयार होते हैं। यह सब सेवा ठाकुर जी के शृंगार की है।