न्यायालय में पेश किए पीएफआई के सदस्य
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मथुरा की एडीजे-11 की अदालत में बुधवार को पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) और सीएफआई (कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया) के सदस्यों की जमानत अर्जी पर ढाई घंटे तक बहस हुई। अभियुक्तों के अधिवक्ता ने अपना पक्ष रखकर जमानत की अपील की। इस दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता भी मौजूद रहे।
पांच अक्तूबर को मांट टोल से पकड़े गए सीएफआई और पीएफआई सदस्य मसूद, आलम, अतीकुर्रहमान और सिद्दीक को विदेशी फंडिंग से दंगे फैलाने की साजिश के आरोप में जेल भेजा गया था। सिद्दीक को छोड़कर तीन अभियुक्तों की जमानत अर्जी पर बुधवार को एडीजे-11 मयूर जैन की अदालत में सुनवाई हुई। अपराह्नन 12 बजे शुरू हुई सुनवाई लंच से पहले तक चली।
फिर लंच के बाद दो से तीन बजे तक बहस हुई। इसके बाद न्यायालय ने सुनवाई अगले दिन के लिए तय कर दी। एडीजीसी भीष्मदत्त सिंह तोमर ने बताया कि गुरुवार को भी सुनवाई होगी। अधिवक्ता मधुवन दत्त चतुर्वेदी द्वारा पहले दिन तीनों अभियुक्तों का पक्ष रखा गया।