i आयकर विभाग 30 सितंबर से पहले और तेज करेगा सर्वे
शहर के चार चिकित्सकों पर सर्वे के बाद आयकर विभाग के निशाने पर हास्पिटल और चिकित्सा क्षेत्र आ गया है। बीते साल भी टारगेट पूरा करने के दौरान चिकित्सकों के पास से ही सबसे ज्यादा अघोषित आय मिली थी। जूता कारोबारियों, सराफा व्यापारियों के बाद सबसे ज्यादा सरेंडर चिकित्सकों ने ही किए थे। रीयल एस्टेट की मंदी और जूता निर्यात में आई कमी के बाद आयकर विभाग चिकित्सकों को टारगेट पर ले चुका है। आय घोषणा योजना की मियाद से पहले चिकित्सकों पर सर्वे और तेज हो सकते हैं।
बुधवार को ट्रांस यमुना कालोनी और कमला नगर में चार चिकित्सकों के नर्सिंग होम पर आयकर सर्वे किए गए। ट्रांसयमुना कालोनी के कृष्णा हास्पिटल और गोयल हास्पिटल तथा कमला नगर में अग्रवाल हास्पिटल और ओजस हास्पिटल ने सर्वे खत्म होने पर आठ करोड़ रुपये की अघोषित आय सरेंडर कर दी। विभाग के अफसरों का मानना है कि 30 सितंबर तक अगर अघोषित आय सामने नहीं लाई गई तो बीते सालों की तरह ताबड़तोड़ छापे डाले जाएंगे। ब्यौरा जुटाया है। आयकर रिटर्न भी चेक किया जाएगा।
कैटरिंग, होटल पर पीएफ की नजर
आगरा। हर कर्मचारी का भविष्य निधि खाता खुलवाने की मुहिम में जुटे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के निशाने पर शहर के ऐसे होटल, हास्पिटल और स्कूल हैं, जहां कर्मचारी तो सैकड़ों की तादात में हैं, लेकिन उन्हें पीएफ का लाभ नहीं दिया जा रहा। दैनिक वेतनभोगियों से लेकर ड्राइवर, सफाईकर्मी तक का ब्यौरा ऐसे प्रतिष्ठान छिपा रहे हैं। पीएफ रीजनल कमिश्नर विश्वजीत सागर के मुताबिक शहर के कई पंचतारा होटल ऐसे हैं जो वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर चर्चित हैं, लेकिन यहां कैटरिंग के लिए आए कर्मचारी और दैनिक वेतनभोगियों को भविष्य निधि का फायदा नहीं दिया जा रहा। ईपीएफओ पर ऐसे प्रतिष्ठानों का ब्यौरा पहुंच चुका है। इसी महीने स्कूलों और होटलों पर कार्रवाई की जाएगी।