आगरा नगर निगम में भविष्य निधि (पीएफ) खातों से धन निकासी के नाम पर घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। बिना विभागीय प्रक्रिया के 20 वर्षों में 750 से अधिक कर्मियों ने पैसा निकाल लिया। प्रथम दृष्टया दोषी महिला सेविका को निलंबित कर नगर आयुक्त ने अज्ञात के खिलाफ हरीपर्वत थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
पीएफ खातों से भुगतान में घोटाला सामने आने के बाद सोमवार को विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय विभागीय कमेटी बना दी गई है। नगर निगम परिसर में भारतीय स्टेट बैंक शाखा है। यहां कर्मचारियों के भविष्य निधि खातों में जमा राशि को बिना विभागीय प्रक्रिया के निकाला जा रहा था। प्रारंभिक जांच में नगर निगम के कुछ कर्मचारियों और बैंककर्मियों की मिलीभगत सामने आई है।
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। एक महिला अनुचर अर्चना को निलंबित किया गया है। मामले की जांच के लिए मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी बृजेश कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार तिवारी और मुख्य नगर लेखा परीक्षक निर्विकार गोयल की कमेटी बनाई गई है।