ताला तोड़ने वाले को लेकर आई पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
घोटाले के अन्य आरोपियों केसाथ उसे भी रिमांड पर लिया गया है। जांच ईओडब्ल्यू कर रही है। अफसर की टीम उसे लेकर दोपहर साढ़े बारह बजे उसके फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंची। यहां मेन गेट पर डिजीटल लॉक था। गुप्ता ने कोड नहीं बताया। इस पर शीशा तोड़कर अफसर अंदर गए।
अंदर कमरों के गेट पर डिजीटल लॉक थे। इन्हें बोदला से मिस्त्री बुलाकर तुड़वा दिया गया। शाम को साढ़े पांच बजे टीम उसे साथ लेकर लौट गई। साथ में कई फाइलें ले गई।
इस बारे में पूछे जाने पर अफसरों ने सिर्फ इतना कहा कि जांच चल रही है। इससे पहले बृहस्पतिवार को लखनऊ में एपी मिश्रा और सुधांशु का घर और दफ्तर खंगाले थे। वहां एपी मिश्रा के घर एक डायरी मिली थी।
टीम ने पीके गुप्ता से डिजीटल लॉक खोलने के लिए कोड बताने के लिए कहा। उसने कह दिया कि याद नहीं आ रहे। इसके बाद चुप्पी साध ली। परिवारीजन पहले ही रिश्तेदारी में चले गए थे। एक मेकेनिक फेल, दूसरे ने खोले ताले
पीके गुप्ता के फ्लैट का नंबर जी-6 है। उसने यह किराए पर ले रखा है। जैसे ही वह घोटाले में फंसा, इस नंबर को मिटा दिया गया। अफसरों की टीम को उसने यह नंबर बताया था लेकिन जब यह नजर नहीं आया तो कॉलोनी के गार्ड से पूछा। उसने फ्लैट पर ले जाकर कहा कि यही है, लेकिन नंबर मिटा दिया गया है।