फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा: ताजमहल के बंद कमरों को खोलने की याचिका दायर, 10 मई को हाईकोर्ट में हो सकती है सुनवाई

Sun, 08 May 2022 08:15 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ / आगरा

सार

दुनिया में मोहब्बत की मिसाल के तौर पर मशहूर ताजमहल को लेकर बीते कुछ दिनों से विवाद उठ रहे हैं। पहले अयोध्या के संत परमहंस दास ने ताजमहल को तेजोमहालय बताते हुए उसका भूमि पूजन करने का एलान किया था। अब अयोध्या के ही एक भाजपा नेता ने ताजमहल के बंद कमरों को खुलवाने के लिए याचिका दायर की है।   
विज्ञापन
ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में दायर एक याचिका में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को आगरा में ताजमहल के अंदर 20 कमरे खोलने का निर्देश देने की गुजारिश की गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वहां हिंदू मूर्तियां और शिलालेख छिपे हैं या नहीं। यह याचिका भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अयोध्या जिले के मीडिया प्रभारी डॉ रजनीश सिंह ने दायर की है। 

विज्ञापन


याची डॉ. रजनीश सिंह ने कहा कि उन्होनें चार मई को याचिका दायर की है जिस पर 10 मई को सुनवाई होनी है। याची का कहना है कि ताजमहल से जुड़ा एक पुराना विवाद है। ताजमहल में करीब 20 कमरे बंद हैं और किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं है। 

याचिका में यह कहा गया है 

उन्होंने कहा कि ऐसा माना जाता है कि इन कमरों में हिंदू देवताओं और शास्त्रों की मूर्तियां हैं। इसलिए मैंने उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर एएसआई को तथ्यों का पता लगाने के लिए इन कमरों को खोलने का निर्देश देने की मांग की है। इन कमरों को खोलने और सभी विवादों को शांत करने में कोई बुराई नहीं है।

याचिका में याचिकाकर्ता ने अदालत से राज्य सरकार को एक समिति गठित करने का निर्देश देने की मांग की है जो इन कमरों की जांच करे और वहां हिंदू मूर्तियों या धर्मग्रंथों से संबंधित किसी भी सबूत की तलाश करे।

विज्ञापन
विज्ञापन

अयोध्या के संत परमहंस दास ने ताज को बताया था मंदिर 

बीते दिनों अयोध्या के संत परमहंस दास ने ताजमहल को शिव मंदिर तेजोमहालय बताते हुए उसका भूमि पूजन करने का एलान किया था। वह अपने शिष्य के साथ आगरा आए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। उन्हें कीठम स्थित सरकारी गेस्टहाउस में नजरबंद रखा गया। एक दिन बाद परमहंस दास को अयोध्या रवाना कर दिया गया। आगरा पुलिस भी उनके साथ गई थी। अयोध्या जाने से पहले संत ने आगरा पुलिस-प्रशासन पर अभद्रता करने के आरोप लगाए थे।  

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें