मैनपुरी। कीटनाशक दवाओं के पांच नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। कृषि रक्षा विभाग ने सितंबर में अभियान चलाकर 38 नमूने जांच के लिए भेजे थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद विक्रेता और निर्माता कंपनी को नोटिस जारी किया है। साथ ही विभाग कंपनी और विक्रेता के खिलाफ मुकदमा भी दायर कराएगा।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. गगनदीप सिंह ने सितंबर में जिले भर में खाद, बीज और कीटनाशक दवाओं की जांच के लिए अभियान चलाया था। इस दौरान 38 नमूने लेकर इन्हें जांच के लिए भेजा था। जांच रिपोर्ट आई तो इनमें से पांच सैंपल फेल पाए गए।
इनमें रमेश बीज भंडार बेवर से लिया डेल्टामैथरिन 2.8 ईसी, अवस्थी बीज भंडार स्टेशन रोड मैनपुरी से लिया बिस्पाइरीबैक सोडियम, प्रमोद बीज भंडार करहल चौराहा मैनपुरी से लिया ईथियॉन 50 ईसी, दुर्गा बीज एजेंसी भांवत चौराहा मैनपुरी से लिया हेक्सकोनाजोल 05 प्रतिशत और एग्री जंक्शन केंद्र करीमगंज से लिया प्रोफोनेफॉस 40 एंड साइपरमैथरिन 04 प्रतिशत दवाओं के नमूने शामिल हैं।
जांच रिपोर्ट आने के बाद कृषि रक्षा अधिकारी ने निर्माता कंपनी और विक्रेता दोनों को नोटिस जारी किया है। उन्होंने संबंधित दवा के नमूना लिए जाने वाले बैच की बिक्री न करने के आदेश दिए हैं। साथ ही मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) न्यायालय में मुकदमा दायर करने की तैयारी की जा रही है।
अभियान के तहत कीटनाशक व खर पतवारनाशी दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। पांच नमूने जांच में फेल आए हैं। कंपनी और विक्रेता को नोटिस जारी किया है। मुकदमा दायर करने की तैयारी की जा रही है।
डॉ. गगनदीप सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी।
हम तो कंपनी के नाम पर विश्वास करके खेतों के लिए दवाएं खरीदते हैं। इसमें क्या पता कि कौन सी दवा सही है और कौन सी नहीं। जिन किसानों ने फेल हुई दवाएं प्रयोग की हैं, उन्हें मुआवजा मिलना चाहिए।
सुघर सिंह, नगला अमर सिंह।
कई बार खराब हो रही फसलों को बचाने के लिए किसान महंगी दवाओं का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन दवा में गड़बड़ी के चलते इसका कोई असर नहीं होता है। इससे फसलों को नुकसान होता है और किसान बर्बाद हो जाता है।
रामचंद्र, सीतापुर।