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Pervez Musharraf: युद्धबंदियों के छोड़ने के सवाल पर आगरा में अचकचा गए थे मुशर्रफ, फिर दिया पाक आने का न्यौता

Mon, 06 Feb 2023 07:20 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

परवेज मुशर्रफ ने 54 युद्धबंदियों के परिजन को पाकिस्तान की जेलों का भ्रमण करने का न्योता दिया था और कहा कि वह भी सैनिक हैं और सैनिक परिवारों की इस मुश्किल को समझते हैं।
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आगरा शिखर वार्ता के लिए होटल जेपी पैलेस में आये मुशर्रफ का स्वागत करते तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कारगिल युद्ध के खलनायक और पाकिस्तान के राष्ट्रपति रहे परवेज मुशर्रफ तीन दिन के लिए आगरा आए थे। वर्ष 2001 में 15 से 17 जुलाई तक परवेज मुशर्रफ आगरा शिखर वार्ता के लिए यहां थे। पाकिस्तान की जेलों में कैद युद्धबंदियों के परिवारों ने प्रदर्शन किया था। उनके सवाल को जब प्रेसवार्ता में मुशर्रफ के सामने उठाया गया तो वह अचकचा गए थे।

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हालांकि कुछ देर बाद संभलते हुए परवेज मुशर्रफ ने 54 युद्धबंदियों के परिजन को पाकिस्तान की जेलों का भ्रमण करने का न्योता दिया और कहा कि वह भी सैनिक हैं और सैनिक परिवारों की इस मुश्किल को समझते हैं। फ्लाइट लेफि्टनेंट मनोहर पुरोहित के बेटे विपुल पुरोहित बताते हैं कि इसके बाद पाकिस्तान जाकर परिजन ने जेलों को देखा भी था, लेकिन यह केवल औपचारिकता भर रही।


बिना घोषणा के रहा था आगरा शिखर सम्मेलन

परवेज मुशर्रफ के आगरा शिखर वार्ता की कवरेज करने वाले वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सेना बताते हैं कि करगिल युद्ध के बाद के हालातों में जब आगरा शिखर सम्मेलन हुआ तो तीन दिन की वार्ता बेनतीजा रही। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से उनकी 90 मिनट तक सीधी बातचीत हुई, लेकिन यह आगरा शिखर वार्ता नाकाम रही।

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यह ऐसे फ्लॉप सम्मेलन में रहा, जिसमें कोई संयुक्त घोषणा पत्र जारी नहीं हुआ। ऐसा कोई दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका, जिस पर दोनों पक्ष हस्ताक्षर करने को तैयार थे। घोषणा की गई कि कोई समझौता नहीं हुआ है और राष्ट्रपति मुशर्रफ इस्लामाबाद लौट गए।
पहली बार आगरा में उतरा था पाकिस्तानी विमान

परवेज मुशर्रफ जब आगरा आए तो यह पहला मौका रहा, जब आगरा की धरती पर कोई पाकिस्तानी विमान उतरा हो। दिल्ली से वह अपने विमान से आए थे और शिखर वार्ता फ्लॉप होने के बाद सीधे पाकिस्तान चले गए। आगरा में ही मुशर्रफ ने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से कहा था कि लगता है कि हम दोनों के ऊपर कोई है जो हम पर शासन करने की ताकत रखता है। परवेज मुशर्रफ की यात्रा से पहले तत्कालीन मेयर किशोरी लाल माहौर ने शहर की चाबी उन्हें सौंपने से इन्कार कर दिया था, जिस पर काफी हो-हल्ला मचा और बाद में मेयर ने उनका केवल स्वागत किया।

 

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मुशर्रफ ने शिखर वार्ता के दौरान अपनी पत्नी सबा के साथ ताजमहल देखा था। - फोटो : अमर उजाला

सबा के साथ किया था ताज का दीदार

मुशर्रफ ने शिखर वार्ता के दौरान अपनी पत्नी सबा के साथ ताजमहल देखा था। उनके लिए पहली बार आगरा में एसी बैटरी बस इंदौर से लाई गई थी। पाकिस्तानी राष्ट्रपति के दौरे के समय ही आगरा के सभी मकानों, इमारतों को एक रंग में रंगा गया। परवेज अमर विलास होटल के कोहिनूर सुईट में ठहरे थे। ताज की मरम्मत के लिए लगाई गई पाड़ को मुशर्रफ के दौरे के लिए हटाया गया था।

तत्कालीन अधीक्षण पुरातत्वविद पद्मश्री केके मुहम्मद बताते हैं कि ताज में शाहजहां मुमताज की असली कब्रों को मुशर्रफ को दिखाया गया था। उन्होंने ताज पर अरबी भाषा में लिखीं कुरान की आयतों को पढ़कर सुनाया था। लाहौर के उस्ताद अहमद लाहौरी ने ताजमहल बनाया, यह जानने के बाद मुशर्रफ ने ताजमहल से जुड़ाव महसूस किया था।
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