मैनपुरी। बेसहारा गोवंश के संरक्षण के लिए शासन ने एक और वृहद गौ संरक्षण केंद्र के निर्माण की मंजूरी दे दी है। प्रशासन की ओर से करहल क्षेत्र में निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। अब धनराशि की मांग के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। धनराशि आवंटित होते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
जिले में करहल क्षेत्र से बेसहारा गोवंशों के फसलें बर्बाद करने की शिकायतें आ रही थीं। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने वृहद गौ संरक्षण केंद्र के निर्माण के लिए काम शुरू किया था। उन्होंने करहल के गांव इज्जतपुर खजुरारा में 12 बीघा जमीन चिह्नित कर शासन को प्रस्ताव भेजा था। शासन की ओर से निदेशक पशुपालन विभाग ने इसकी मंजूरी दे दी है।
यहां 400 गोवंशों के लिए वृहद गो संरक्षण केंद्र का निर्माण कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर लगभग पांच सौ गोवंश भी यहां रखे जा सकेंगे। मंजूरी मिलने के बाद अब पशुपालन विभाग की ओर से धनराशि की मांग के लिए पत्र भेजा गया है। जल्द ही धनराशि आवंटित होने की उम्मीद है। धनराशि मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। इससे क्षेत्र के किसानों को बेसहारा गोवंशों से निजात मिल जाएगी।
अब तक दो ही हैं वृहद गौ संरक्षण केंद्र
जिले में अब तक दो वृहद गौ संरक्षण केंद्र हैं। इसमें से एक अहिरवा में संचालित है। दूसरा औंछा क्षेत्र के गांव गुराई में संचालित है। इनमें गोवंशों को रखा जा रहा है। लेकिन इनमें पहले ही क्षमता की अपेक्षा अधिक गोवंश हैं, इसलिए एक और वृहद गौ संरक्षण केंद्र की जरूरत पड़ी।
शासन को करहल क्षेत्र में वृहद गौ संरक्षण केंद्र के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। इसकी मंजूरी मिल गई है। जल्द ही धनराशि मिलने के बाद इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।