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मत पूछिए कैसे पहुंचें अाफिस

Thu, 17 Sep 2015 02:01 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो
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लूटपाट के मामले में पुलिस की लापरवाही से आहत सिटी बसों के चालक और परिचालक मंगलवार आधी रात से हड़ताल पर चले गए। महानगर बस सेवा ठप होने से बुधवार को हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऑटो प्रतिबंधित होने के बाद से लोगों को सिटी बसाें का ही सहारा है। ऐसे में एमजी रोड के हर चौराहे पर सारा दिन लोग की भीड़ लगी रही। हालांकि इस दौरान ई-रिक्शा चालकाें ने मानमाफिक वसूली भी की, लेकिन ये रिक्शा भी कम पड़ गए। सैकड़ों लोग पैदल ही अपने काम पर गए।
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गौरतलब है कि मंगलवार की शाम सात बजे भगवान टाकिज पर इंडिगो सवार चार से पांच युवक सिटी बस यूपी 80-जीके 9268 के परिचालक शीतल के साथ मारपीट कर 1100 रुपये छीने ले गए। चौराहे से चंद कदम दूर न्यू आगरा थाने में पुलिस ने सुनवाई भी नहीं की। पुलिस के इस लापरवाह रवैये के खिलाफ रात 12 बजे से महानगर सेवा के चालक-परिचाकों ने संविदा कर्मचारी यूनियन के नेतृत्व में हड़ताल कर चक्का जाम कर दिया। फाउंड्री नगर डिपो पर बसों को खड़ा कर बुधवार की सुबह सभी चालक-परिचालक धरने पर बैठ गए।
हड़ताल से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल, कालेज और आफिस आने-जाने वालों को हुई। लोगों को कई किमी पैदल ही चलना पड़ा। इसके अलावा वाटरवक्स, सिकंदरा, सुल्तानगंज की पुलिया, मधुनगर, राजपुर चुंगी, रामबाग, टेढ़ी बगिया, अर्जुन नगर, फरह, सुभाष पार्क, बिजलीघर, सिकंदरा आदि चौराहों पर लोगों की भीड़ लगी रही।
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देहात क्षेत्राें में भी नहीं गईं बसें
महानगर सेवा शहर के अलावा आसपास के कस्बों के लिए भी है। बुधवार को अघोषित हड़ताल के कारण फतेहपुर सीकरी, शमसाबाद, एत्मादपुर, टूंडला, फरह, अछनेरा, खेरागढ़, सेवला, सैंया, टेढ़ी बगिया आदि जगहों के लिए भी बस नहीं चलीं।
डीएम के निर्देश पर एफआईआर
सभी चालक-परिचालक बुधवार की सुबह डीएम से उनके निवास पर मिलने पहुंच गए। सुरक्षा गार्ड ने रोका तो सड़क पर ही नारेबाजी कर दी। सूचना पर डीएम पंकज कुमार गेट पर आ गए और उन्होंने सीओ हरीपर्वत को चालकों की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। बावजूद इसके पुलिस लापरवाह रवैया अपनाए रही। हरीपर्वत थाने में मुकदमा दर्ज कराने पहुंचे चालक-परिचालक ने आरोपी की गाड़ी का नंबर भी दिया, लेकिन पुलिस ने उसे ट्रेस नहीं किया। इससे नाराज चालक-परिचालकों ने हड़ताल जारी रखी।
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