आगरा के खंदौली क्षेत्र के ग्राम खेड़ा हाजीपुर में शनिवार की देर रात एक शिक्षामित्र की मौत हो गई। घरवालों के मुताबिक, भर्ती परीक्षा छूटने और चार महीने से मानदेय नहीं मिलने से वो सदमे में था।
शिक्षामित्र की मौत की खबर पर सुबह शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष पहुंच गए। प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाने की मांग करते हुए ग्रामीणों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। घंटों बाद भी कोई अधिकारी नहीं आया तो यमुना एक्सप्रेसवे जाम करने की चेतावनी दी।
इसके बाद थाना पुलिस और एसडीएम एत्मादपुर मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने मुख्यमंत्री राहत कोष से दो लाख रुपये और पत्नी को सरकारी नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया।
तनाव में था शिक्षामित्र
खेड़ा हाजीपुर निवासी निजामुद्दीन (31) पुत्र सहाबुद्दीन प्राथमिक विद्यालय सोनगा में शिक्षा मित्र के पद पर तैनात था। वो टीईटी पास था। शनिवार देर रात अचानक उसकी घर पर ही मौत हो गई।
रविवार सुबह शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह छौंकर अन्य साथियों के साथ घर पहुंचे। परिजनों ने बताया कि निजामुददीन 27 मई को शिक्षक भर्ती परीक्षा देने गया था, लेकिन मूल शैक्षिक प्रमाणपत्र नहीं होने पर उसे परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया था।
जबकि दस्तावेज बीएसए ऑफिस में जमा थे। इधर, चार महीने से मानदेय भी नहीं मिला था। परीक्षा छूटने और आर्थिक तंगी के कारण वो तनाव में था। इसी वजह से शनिवार की रात उनकी सदमे से मौत हो गई।
प्रशासन ने दिया आश्वासन
परिजनों ने बगैर अधिकारियों के आए अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। घंटों इंतजार के बाद भी जब कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों ने यमुना एक्सप्रेसवे पर जाम लगाने की चेतावनी दी।
इसके बाद थाना पुलिस पहुंची। साथ ही एसडीएम एत्मादपुर अभिषेक सिंह, सांसद प्रतिनिधि टीकम सिंह तोमर, एबीएसए नीलम मौके पर पहुंची। एसडीएम ने मुख्यमंत्री राहत कोष से मुआवजा और पत्नी गुड्डी को सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया।