पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के आधारशिला रखने के 16 साल बाद आगरा इटावा के बीच ट्रेन संचालन के एतिहासिक लम्हे का गवाह बनने के लिए सैकड़ों ग्रामीण दूरदराज से आए। लोगों ने बटेश्वर से बाह तक का सफर ट्रेन से तय किया। सफर के दौरान ग्रामीण रोमांचित दिखे।
बुजुर्ग जोधाराम ने पूछा कि बेटा अटलऊ जा रेल में बैठे हैं का? जवाब नहीं में सुनकर बोले, बिन्ही ते रेल चालू करावते तौ और अच्छो रेहतो। ट्रेन में बैठे अटल जी का सानिध्य पाने वाले राम किशन वैद्य ने कहा कि 76 साल बाद फिर से रेल सेवा शुरू होना अच्छी बात है। 10 मिनट में बिजकौली से बाह पहुंचे प्रदीप सक्सेना ने बताया कि पता ही नहीं चला कि कब बाह (कस्बा) आ गया। 65 वर्षीय रामौतार ने पूछा कि अटल कौन से डिब्बा में बैठे हैं। बेटा कैसेऊ मोय बिन ते मिलवाय दे। जब उन्हें बताया कि अटल जी नहीं आए हैं तो बोले कि काहि नाए आए। बिजकौली से इटावा का सफर करने वाले सचिन गुप्ता, उपेंद्र भदौरिया, शैलेंद्र शर्मा, संजीव जैन, अरविंद बरुआ, आशीष मिश्रा, रामशंकर शुक्ला, जगदीश सविता, सर्वेश भदौरिया, जसवंत सिंह ने बताया कि बाह, जैतपुर, मान सिंह का पुरा और उदी स्टेशनों पर स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा करके स्वागत किया। चालक को माला पहनाई।
महिलाओं ने भी लिया सफर का आनंद
ट्रेन में बटेश्वर से बैठी युवती मोहिनी, बृज सुंदरी, माधुरी, प्रिया, खुशबू, रागिनी, रोशनी ने बताया कि पहली दफा ट्रेन में बैठने का अनुभव रोमांचक रहा। महिलाएं सीता देवी, ईश्वरी, दाखश्री, मनोरमा और चमेली देवी ने बताया कि अब एक गांव से दूसरे गांव तक जाने में परेशानी नहीं होगी। बस पकड़ने को पैदल नहीं चलना पड़ेगा। वहीं बटेश्वर के बच्चों के लिए ट्रेन देखना सुखद अनुभव रहा। ट्रेन के बटेश्वर पर पहुंचते ही बच्चों ट्रेन में बैठकर देखा।
ट्रेन का नाम अटल एक्सप्रेस रखें
बाह। बटेश्वर में पैसेंजर गाड़ी को हरी झंडी दिखाने आए रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा को कई ग्रामीणों ने रेल और अन्य समस्याओं के निस्तारण की मांग संबंधी ज्ञापन सौंपे। बटेश्वर को स्टेशन बनाए जाने और अटल एक्सप्रेस गाड़ी चलाए जाने की मांगें की। अनिल यादव के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में किसानों को अधिग्रहीत जमीन का शेष मुआवजा दिलाने की मांग की। बिजकौली में बटेश्वर हाल्ट के नजदीक पुलिया निर्माण और हाल्ट से बटेश्वर-फरैरा मार्ग तक पक्की सड़क बनाए जाने की मांग की। बटेश्वर स्टेशन बनाए जाने के साथ डेमू पैसेंजर गाड़ी का नाम अटल एक्सप्रेस रखने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान लक्ष्मी नरायन, गोपाल सिंह यादव, संजय यादव, नरेंद्र सिंह, अवधेश कुमार, यतेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।
बाह स्टेशन पर नहीं मिला टिकट
बाह। रेलवे स्टेशन बाह पर डेमू पैसेंजर गाड़ी में सफर करने को टिकट खरीदने विंडो पर पहुंचे लोगों को निराशा हाथ लगी। रेलवे ने यहां टिकट वितरण की व्यवस्था नहीं की थी। इसके कारण तमाम लोग बिना टिकट लिए ही ट्रेन में चढ़ गए। स्टेशन पर पीने के पानी का इंतजाम नहीं है। हैंडपंप खराब पड़ा है। वहीं बटेश्वर हाल्ट पर रेलवे ने आनन फानन में अस्थायी व्यवस्थाएं की हैं।
बीहड़ में सुरक्षा पर भी देना होगा ध्यान
यमुना, चंबल और ऊटंगन नदी के बीहड़ से होकर गुजरने वाली इटावा आगरा रेल लाइन का सफर बेहद रोमांचक तो लगता है, लेकिन आने वाले समय में इस ट्रैक पर सुरक्षा के मुद्दे पर भी विचार करना होगा। छह माह से चल रही मालगाड़ी के चालकों के साथ कई दफा मारपीट हो चुकी है। ऐसे में एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन शुरू होने पर लूटपाट जैसी घटनाओं की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।