गांव में कई शौचालय ऐसे हैं, जिन्हें कबाड़ रखने के लिए प्रयोग किया जा रहा है तो कई शौचालयों में लोगों ने कूड़ा करकट डाल रखा है। कुछेक शौचालय अधूरे भी पड़े हैं। नए चिह्नित हुए परिवारों के पास अब भी शौचालय नहीं हैं। स्वच्छ भारत मिशन में लोगों की आदत बदलने में विभाग नाकाम रहा है, यही कारण है कि ज्यादातर लोग अब भी खुले में शौच जाते हैं।
ग्रामीणों को समझाया जा रहा है: डीपीआरओ
-आदर्श गांवों में शौचालय निर्माण के लक्ष्य पूरे हो चुके हैं। इसके बाद भी वंचित परिवारों का सर्वे कराया जा रहा है। लोगों को शौचालय का प्रयोग करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। उन्हें समझाया जाता है। पहले से कुछ सुधार आया है।
जगदीशराम गौतम, जिला पंचायतराज अधिकारी
ग्राम पंचायत ओडीएफ घोषित
695 626