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Agra: ताजनगरी में दिवाली से पहले पानी के लिए त्राहि त्राहि, पालड़ा फॉल से ठप हुई गंगाजल की आपूर्ति

Tue, 18 Oct 2022 06:12 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

दिवाली पर सफाई और घरों में रंगाई पुताई के कारण पानी की ज्यादा जरूरत पड़ती है। सोमवार को पानी की आपूर्ति ठप होने से बड़ा संकट खड़ा हो गया। आज भी संकट बना रह सकता है। 
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पानी लेने जाता युवक (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में आज से फिर पानी का बड़ा संकट शुरू होने वाला है। इसकी वजह बुलंदशहर के पालड़ा फॉल से गंगाजल की आपूर्ति देर रात पूरी तरह से रुक जाना है। सोमवार की सुबह 150 क्यूसेक की जगह केवल 40 क्यूसेक गंगाजल की आपूर्ति हो पाई, जो रात तक बिल्कुल ठप हो गई। सोमवार शाम को तीन दिन के बाद कुछ जगहों पर चंद मिनटों के लिए पानी आया, लेकिन आज पूरे दिन पानी का संकट बना रह सकता है। 

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दिवाली से पहले गंगाजल की आपूर्ति ठप होने पर जलकल विभाग ने जलनिगम के महाप्रबंधक गंगाजल इकाई से कानून व्यवस्था का संकट खड़ा होने का अंदेशा जताया है। अपर गंगा कैनाल में सिल्ट आने के कारण सिंचाई विभाग ने 14 अक्तूबर से पालड़ा से सप्लाई रोक दी है।

दिवाली पर ज्यादा पानी की जरूरत

दिवाली पर सफाई और घरों में रंगाई पुताई के कारण पानी की ज्यादा जरूरत पड़ती है। पानी के संकट के कारण कई लोगों ने घरों में पेंटिंग का काम भी रुकवा दिया था। वहीं, लोगों को पानी तलाशने के लिए एक से दो किमी दूर तक भटकना पड़ रहा है। पुराने शहर में पानी का संकट ज्यादा है।

जलकल विभाग ने गंगाजल इकाई से मांगा पानी

शहर में बुलंदशहर के पालड़ा फॉल से 140 क्यूसेक गंगाजल मिलता है, लेकिन 14 अक्तूबर से इसकी सप्लाई बंद पड़ी है। सिकंदरा वाटरवर्क्स से यमुना जल लेकर जलापूर्ति की जा रही है। सोमवार सुबह केवल 40 क्यूसेक पानी ही आगरा को मिला। 

जरूरत का केवल 25 फीसदी पानी मिलने से शहर में पानी का संकट तीसरे दिन भी रहा। इस पर महाप्रबंधक जलकल ने जलनिगम गंगाजल इकाई को पत्र लिखकर दिवाली से पहले जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है। उन्होंने सप्लाई न होने पर कानून व्यवस्था बिगड़ने का खतरा बताया है। 

'जानबूझकर तो नहीं रहा ऐसा'

अर्जुन नगर निवासी राजकुमार नागरथ ने कहा कि हमारा कोई भी त्योहार ऐसा नहीं बीता, जब पानी का संकट नहीं रहा हो। यह जानबूझकर तो नहीं हो रहा, इसकी जांच हो। जब सबसे ज्यादा जरूरत पानी की होती है, तभी गंगाजल रुक जाता है।
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खेरिया मोड़ की इंदिरा देवी ने कहा कि अहोई अष्टमी पर पूजा पाठ और नहाने के लिए पड़ोसियों से पानी मांगना पड़ा। हर त्योहार पर यही हाल है। लगता है कि इस बार भी साल भर का त्योहार पानी मांगते-मांगते बीतेगा।

जलनिगम के प्रोजेक्ट मैनेजर रमेश चंद्र ने बताया कि गंगा कैनाल से ही सप्लाई बंद हो गई है। पानी बेहद कम मिला है। सिंचाई विभाग केसाथ संपर्क में है। यमुना जल की मात्रा बढ़ा दी है, पर जरूरत का पानी नहीं मिल रहा।

आंकड़ों की नजर से 

  • 150 क्यूसेक मिलता है गंगाजल
  • 140 क्यूसेक आगरा को सप्लाई
  • 10 क्यूसेक मथुरा की सप्लाई
  • 40 क्यूसेक पानी सोमवार को मिला
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