आगरा। जीआईसी मैदान में सोमवार को आयोजित छठे अंतरराष्ट्रीय भगवान झूलेलाल सांस्कृतिक मेले की सांस्कृतिक संध्या में भक्ति और संगीत का संगम देखने को मिला। मुंबई से आए सिंधी गीतों के रॉक स्टार करण खेमानी और गायिका ज्योति मणि ने अपनी प्रस्तुतियों से ऐसी धूम मचाई कि पूरा मैदान सिंधी संस्कृति के रंगों में सराबोर नजर आया। जैसे ही करण ने अपना सिग्नेचर गाना हां मा सिंधी आयां... गाना शुरू किया, हजारों लोगों के हाथ हवा में लहरा उठे।
सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ पंडित भूपेंदर शर्मा, गिरधारी लाल भगतयानी और मेला संयोजक कमल छाबड़िया ने किया। ज्योति मणि ने जिए मूंजी सिंध..., लाल मूंजी ओ लाल मूंजी... और सदाबहार हो जमालो... गाकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। करण ने आंधी में जोत जलायन वारा सिंधी और आगरा वारा जियन... जैसे गीतों से ऐसा समा बांधा तो देर रात तक दर्शक झूमते रहे।
रैंप पर उतरा मां-बेटी का प्यार
मेले का मुख्य आकर्षण मम्मी और बेटियों का कैटवॉक रहा। रैंप पर जब 11 मां ने अपनी बेटियों का हाथ थामकर कदमताल की, तो वहां मौजूद दर्शकों ने तालियों से उनका स्वागत किया। कोई राजस्थानी फुलकारी में थी तो कोई पारंपरिक सिंधी परिधान में। संगीत की थाप पर मां-बेटी की जोड़ी ने पीढ़ियों के फासले को मिटाते हुए आधुनिकता और संस्कारों का सुंदर संदेश दिया।
नारी शक्ति का सम्मान
मेले में महिला शक्ति वंदन कार्यक्रम के तहत समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहीं 25 महिलाओं को स्मृति चिह्न और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। समाज के वरिष्ठ सदस्य ज्ञानचंद मूलानी और दौलतराम का भी विशेष सम्मान हुआ।
व्यंजनों और झूलों का लुत्फ
मेले में पहुंचे परिवारों ने माता वैष्णो देवी की गुफा के दर्शन किए और विभिन्न झांकियों के साथ सेल्फी ली। सिंधी व्यंजनों और झूलों का भी आनंद लिया। मेला संयोजक कमल छाबड़िया ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान गिरधारी लाल भगतयानी, सूर्य प्रकाश, पार्षद सुनील कर्मचंदानी, मनीष हरजानी, डॉ. अक्षय गैलानी, सुशील नोतनानी, प्रकाश केसवानी, घनश्याम हेमलानी, जेके मदनानी, विकास जेठवानी आदि मौजूद रहे। संवाद