पीड़ित का आरोप है कि वह शिकायत करने थाने पर गया तो पुलिस ने उसे ही बंद कर दिया। आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।
आगरा के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के प्रकाश नगर में प्लॉट से पत्थर निकालने पर किरायेदार और मकान मालिक में मारपीट हो गई थी। किरायेदार महिलाओं की हाकी-सरिया से पिटाई की गई। अभद्रता भी करने का आरोप है। शिकायत के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। गुरुवार को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ तो चार दिन बाद मुकदमा दर्ज किया। यह तब है जब प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर मिशन शक्ति अभियान चलाया जा रहा है।
प्रकाश नगर निवासी कबाड़ी का काम करने वाले जितेंद्र ने बताया कि वह 15 साल से पप्पू के प्लॉट में रह रहा था। प्लॉट में ही कबाड़ी का काम कर रहा था। मालिक पप्पू की छह महीने पहले बीमारी से मौत हो गई। उनके बेटे करन और अर्जुन दस अक्तूबर को आए और 21 अक्तूबर तक प्लॉट खाली करने को कहा। उन्होंने परिवार के साथ 18 अक्तूबर को सामान निकाल लिया। बचा हुआ कुछ सामान और पत्थर निकाल रहे थे।
विज्ञापन
आरोप है कि तभी करन और अर्जुन 20 साथियों के साथ आ गए। उन्होंने पत्थर निकालने का विरोध किया। जितेंद्र के अनुसार उनके यह कहने पर कि पत्थर उनके हैं और इसे दूसरी जगह मकान लेकर लगाएंगे, दोनों ने साथियों के संग हमला बोल दिया। महिलाओं की हाकी और सरिया से पीटा। अभद्रता की, विरोध पर पथराव किया। चीखपुकार पर मोहल्ले के लोगों ने घेराबंदी की तो आरोपी भाग गए। पुलिस ने अर्जुन, शेरा और मामा को गिरफ्तार कर लिया है।
जितेंद्र का आरोप है कि वह शिकायत करने थाने पर गया तो पुलिस ने उसे ही बंद कर दिया। आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि मारपीट का वीडियो भी उनके पास था। गुरुवार को पथराव और घायलों का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया। इस पर क्षेत्राधिकारी छत्ता राजीव कुमार ने जांच के आदेश किए। तब जाकर दो नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ मारपीट और पथराव की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया।
मकान मालिक ने कहा, कब्जा करना चाहता है किरायेदार
मकान मालिक करन और अर्जुन का कहना है कि किराएदार मकान पर कब्जा करना चाहते हैं। लोगों से जानकारी होने पर किराएदार से खाली करने के लिए कहा था। वह पत्थर निकालने की मना कर रहे थे। इसके लिए रुपये देने को तैयार थे, लेकिन किरायेदार ने नहीं सुनी। किरायेदार पक्ष ने उन पर पथराव किया।
सीओ छत्ता राजीव कुमार ने कहा कि प्लॉट मालिक और किरायेदार के बीच विवाद हुआ था। कहासुनी के बाद दोनों में मारपीट हुई। दो महिलाओं को चोट आई थी। तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। घायलों का मेडिकल कराया गया था। तहरीर की जांच चल रही थी। मुकदमा लिखने में देरी क्यों हुई? इसकी जांच की जा रही है।