भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की नाइट व्यू स्कीम के पहले दिन चार सौ लोगों ने चांदनी रात में ताज का दीदार किया। शरद पूर्णिमा से एक दिन पहले लोगों में चांद के साथ ताजमहल को देखने का उत्साह दिखा। खास बात यह है कि सर्दियों में धुंध और कोहरे की चादर बिछने की वजह से आसमान साफ नहीं रहता। इस वजह से अमूमन रात में चांद और ताज एक साथ नहीं दिखते।
साथ ही शरद पूर्णिमा पर चांद ज्यादा चमकता है। ऐसे में लोग इस खूबसूरत पल को ताजमहल देखते हुए यादगार बनाने में जुटे हैं। ताजमहल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक प्रिंस वाजपेयी ने बताया कि छह और सात अक्तूबर की बुकिंग फुल है। आठ व नौ अक्तूबर के लिए ताजमहल के नाइट व्यू के लिए भी कुछ ही स्लॉट में टिकट उपलब्ध हैं। लोग ऑनलाइन माध्यम से टिकट बुक करा सकते हैं।