मैनपुरी। शासन द्वारा संचालित नई पेंशन योजना (एनपीएस) में शिक्षकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। छह महीने से सरकार के हिस्से की 14 फीसदी धनराशि न आने के कारण शिक्षकों की विभाग से भेजी गई 61.4 करोड़ की धनराशि एनपीएस में नहीं भेजी गई है। जिले के ढाई हजार शिक्षक परेशान हैं।
सरकार द्वारा वर्ष एक अप्रैल 2005 से नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों के लिए नई पेंशन योजना लागू की गई। पेंशन योजना के लिए प्रतिमाह शिक्षकों को जो धनराशि जारी की जा रही है। उसमें से 14 फीसदी अंशदान सरकार का है। जबकि 86 फीसदी धनराशि विभाग जारी करता है। ये धनराशि शिक्षकों एनपीएस खाते में जमा की जाती है। यह धनराशि शिक्षकों के खातों में तभी भेजी जाती है जब सरकार व विभाग दोनों तरफ से बजट की प्राप्ति हो जाए जिले में जून 2019 के बाद से 2500 बेसिक शिक्षकों की धनराशि का सरकार की तरफ से जारी अंशदान नहीं भेजा गया है। जो हर माह लगभग दो करोड़ रुपये है। नवंबर तक का जोड़ा जाए तो यह धनराशि पांच करोड़ होती है। विभाग की तरफ से पांच माह का बजट उपलब्ध है जो लगभग 61.4 करोड़ विभाग के खाते में पड़ा हुआ है। शिक्षकों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
प्रत्येक शिक्षक को जारी किया अकाउंट नंबर
नवीन पेंशन योजना के तहत प्रत्येक शिक्षक को एक प्रान (परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर) नंबर जारी किया गया है। इस नंबर में ही शिक्षक का एनपीएस एकाउंट एनएसडीएल के तहत जोड़ा गया है। शिक्षक जारी नंबर से अपनी डिटेल पता कर सकते हैं। कुछ दिनों से इस पर धनराशि अपडेट ही नहीं हो रही है।
शिक्षकों के साथ धोखा
नवीन पेंशन योजना के तहत शिक्षकों साथ धोखा किया जा रहा है। इसी लिए संगठन इस योजना का विरोध कर रहा है। पता ही नहीं चल रहा है कि उनकी धनराशि कहां जा रही है।
गोविंद पांडेय, अध्यक्ष पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ
छह माह से अशंदान नहीं मिला
सरकार का अंश प्राप्त नहीं हुआ है। इसके चलते धनराशि संबंधित खाते में नहीं भेजी जा पा रही है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को जानकारी भेजी गई है। छह महीने से सरकार का अंशदान उपलब्ध नहीं है।
अनिल कुमार, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा