30 से 40 साल के लोगों में भी रेटिनोपैथी: डॉ. बीके अग्रवाल
वरिष्ठ मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ. बीके अग्रवाल ने बताया कि 30 से 40 साल के लोग भी रेटिनोपैथी की वजह से आंखों की नजर कम मिली। सामान्य दिनों के मुकाबले कोरोना काल में यह संख्या अधिक है। सामान्य तौर पर यह बीमारी 50 साल से अधिक उम्र के मधुमेह रोगियों में मिलती है। ऐसे में वजन बढ़ते ही लोग सतर्क हो जाएं।
अधिकतम मरीजों को जांच के बाद पता चलती है बीमारी: डॉ. समीर
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. समीर प्रकाश ने बताया कि अधिकतर मरीज आंखों में परेशानी होने पर सामान्य रूप से दिखाने आते हैं, लेकिन जांच में उन्हें रेटिनोपैथी की बीमारी पता चलती है। यहां तक कि उन्हें मधुमेह है, इसकी भी कई लोगों को जानकारी नहीं थी।
बीमारी और लक्षण
अनियंत्रित मधुमेह के कारण रक्त नलिकाओं में शर्करा एकत्रित हो जाती है, इससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है, कॉर्निया में धब्बा पड़ जाता है। इसमें नजर घटती-बढ़ती रहती है। धुंधला नजर आना या फिर दोहरी दृष्टि हो जाती है। आंखों में दर्द भी रहता है।