कासगंज। जिले में आखों की गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। जिला अस्पताल में आने वाले नेत्र रोगियों को नेत्र संक्रमण, मोतियाबिंद, ग्लूकोमा जैसी बीमारियों का इलाज मिल रहा है, लेकिन डायबिटिक रेटिनोपैथी, रेटिनल डिटैचमेंट जैसी गंभीर बीमारियों के लिए मरीज भटकने को मजबूर हैं।
जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में प्रतिदिन 100 से 150 तक मरीज अपनी आंखों की समस्या लेकर आते हैं। इसमें सबसे अधिक मरीज कंजेक्टिवाइटिस के आ रहे हैं। किसी चोट की वजह से आंखों में होने वाली दिक्कत लेकर भी मरीज पहुंचते हैं। इसके अलावा मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, नाखूना, डायबिटिक रेटिनोपैथी, रेटिनल डिटैचमेंट, उम्र से संबंधित मैक्यूलर डीजनरेशन, एम्ब्लियोपिया आदि बीमारियों के मरीज भी अस्पताल पहुंचते हैं। जिला अस्पताल के साथ निजी क्षेत्र में भी मरीजों के इलाज के इंतजाम नहीं है। मरीजों को दूसरे जिलों के अस्पतालों पर निर्भर होना पड़ रहा है।