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Agra News: गंगा में एक हजार बीघा जमीन समाई, कटान रोकने की अब याद आई

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कासगंज। सुन्नगढ़ी किलौनी इलाके के किलौनी किसौल में ग्रामीणों की करीब 1 हजार बीघा जमीन गंगा में कटकर समा चुकी है। इससे कई किसान भूमिहीन हो चुके हैं। एक हजार बीघा जमीन के कटान को रोकने की सिंचाई विभाग को अब याद आई है।
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गंगा नदी में तीव्र कटान की समस्या को देखते हुए सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता सहित अन्य अधिकारियों की टीम ने निरीक्षण कर जायजा लिया। मुख्य अभियंता ने कटानरोधी योजना तैयार करने के निर्देश सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिए।
इस बार मानसून में गंगा नदी उफनी तो एक पखवाड़े में ही नदी किनारे के खेतों में जबरदस्त कटान शुरू कर दिया। एक पखवाड़े में ही आपदा ने विकराल रूप ले लिया और गांव की आबादी की दूरी कटान के कारण कम हो गई। कटान के कारण जमीन तो गंगा नदी में समा गई, वहीं अब आबादी क्षेत्र पर खतरा मंडरा रहा है। परेशान किसानों ने शासन प्रशासन से कटानरोधी कार्य कराने की मांग उठाई तो बुधवार को सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता आरके जैन ने कटान वाले गांवों का निरीक्षण किया। उन्होंने पूरी कार्य योजना बनाने के निर्देश सिंचाई विभाग को दिए हैं।
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सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके का अध्ययन करते हुए तकनीकि डाटा तैयार किया है। जिससे कटानरोधी परियोजना की तैयारी की जा सके। वहीं बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए मुख्य अभियंता ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बातचीत की। निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता जेके अग्रवाल, अधिशासी अभियंता एसएस गिरी, एसडीओ संदीप जैन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
रेत की बोरियां डालकर तैयार किए तटबंध

सिंचाई विभाग ने मुख्य अभियंता के आते ही अस्थायी तौर पर कटानरोधी कार्य शुरू कर दिए, जिससे कटान की गति कम हो सके। गंगा किनारे गोलामड़ी की ओर कटान तेज होने पर सिंचाई विभाग ने रेत की बोरियां डालकर तटबंध तैयार किया है। इससे गांव की ओर मिट्टी का कटान कम हो जाएगा। किसानों के खेत गंगा नदी में समा जाने से लोग भी डरे हुए हैं और उन्हें खेती का संकट परेशान कर रहा है।
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