फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra News: झोलाछाप के इलाज से और बिगड़ गई तबियत, बुखार पीड़ित बालिका की मौत

Sat, 01 Oct 2022 08:48 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आगरा में झोलाछाप के इलाज से एक बालिका की मौत हो गई। वह बुखार से पीड़ित थी। झोलाछाप की दवाएं खाने के बाद उसकी तबियत और बिगड़ गई, जिससे उसने दम तोड़ दिया। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा के अकोला ब्लॉक के कराहरा में झोलाछाप की दवाओं से बुखार से पीड़ित बालिका की तबियत और खराब हो गई। उसे निजी अस्पताल से एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। एसएन में पहुंचने के बाद आधे घंटे के बाद ही बालिका की मौत हो गई। सूचना पर शुक्रवार को झोलाछाप की तलाश में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। झोलाछाप की दुकान और घर दोनों जगहों पर ताला लगा था। 

विज्ञापन


नगला अजीता गांव की निवासी शालिनी (12 वर्ष) पुत्री हरिओम को 24 सितंबर को तेज बुखार आया था। 25 सितंबर को परिवारीजन ने कराहरा में झोलाछाप को दिखाया। उसने दवाएं दीं। इसके बाद बालिका की तबियत और खराब हो गई। उल्टी होने लगी। परिवारीजन उसे एसआर हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। उसे वहां रक्त चढ़ाया गया। सुधार न होने पर 26 सितंबर की सुबह एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। भर्ती होने के आधे घंटे बाद ही बालिका की मौत हो गई। 

बंद मिली झोलाछाप की दुकान

बालिका की झोलाछाप की ओर से इलाज किए जाने की सूचना शुक्रवार को एसीएमओ डॉ. नंदन सिंह को दी गई। उनके निर्देश पर सीएचसी अकोला के प्रभारी डॉ. केके शर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो झोलाछाप की दुकान बंद मिली। पास में ही घर था, उस पर भी ताला लगा था। पूछने पर कोई नाम नहीं बता पाया। सभी उसे बंगाली डॉक्टर के नाम से बुलाते हैं। 

विज्ञापन

टीम ने बालिका के परिवारीजन से बात की। परिवारीजन की ओर से किसी के खिलाफ शिकायत नहीं दर्ज कराई गई। टीम ने परिवार के बाकी सदस्यों का हाल भी पूछा तो बताया गया कि परिवार में कोई और बीमार नहीं है। डॉ. केके शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम झोलाछाप के यहां फिर छापा मारेगी। इलाज करते पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

सीएमओ कार्यालय का पंजीकरण जरूर देखें

आईएमए के सचिव डॉ. पंकज नगायच का कहना है कि मरीज को चिकित्सक से इलाज कराने से पहले हॉस्पिटल या क्लीनिक के साथ चिकित्सक का सीएमओ कार्यालय पंजीकरण जरूर देखें। सीएमओ कार्यालय में पंजीकरण के बिना कोई प्रैक्टिस नहीं कर सकता है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें