मैनपुरी। आलू निकासी के लिए किसानों को दी गई आखिरी मोहलत भी अब खत्म हो गई। अब कोल्ड स्टोरेज संचालक आलू की बिक्री करने के लिए स्वतंत्र हैं। कोल्ड स्टोरेज में 15 हजार मीट्रिक टन से अधिक आलू का भंडारण है।
जिले के 50 कोल्ड स्टोरेज में भंडारित आलू की निकासी के लिए किसानों को दी गई आखिरी मोहलत 15 नवंबर भी गुजर गई। इसके बाद भी कोल्ड स्टोरेज खाली नहीं किए जा सके। ऐसे में अब कोल्ड स्टोरेज संचालक नियमानुसार आलू की बिक्री कर सकेंगे। इसमें किसान उन पर कोई आपत्ति नहीं लगा सकेंगे।
शासन ने 31 अक्तूबर तक आलू निकासी के आदेश दिए थे। इसके बाद भी किसानों को एक बार नोटिस जारी कर 15 नवंबर तक की मोहलत भी दी गई। इसके बाद भी कोल्ड स्टारेज में लगभग 15 हजार मीट्रिक टन से अधिक आलू निकासी के लिए बाकी रह गया है। अब जल्द ही इस आलू की नीलामी की जाएगी। कोल्ड स्टोरेज संचालक एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय गुप्ता ने बताया कि जिन किसानों का आलू कोल्ड स्टोरेज में है वे तत्काल निकासी कर लें, बाद में किसी भी दावे के लिए कोल्ड स्टोरेज संचालक जिम्मेदार नहीं होगा।
इस बार एक माह पहले होनी थी निकासी
हर साल 30 नवंबर तक किसानों को कोल्ड स्टोरेज से आलू की निकासी करनी होती है। इसके बाद उन्हें 15 दिन का आखिरी नोटिस भी दिया जाता है। ऐसे में ये प्रक्रिया 15 दिसंबर तक चलती है। इस बार शासन ने 31 अक्तूबर तक ही कोल्ड खाली करने के आदेश दिए थे। ऐसे में एक माह पहले ही किसानों को आलू की निकासी करनी पड़ी।
खुली बैठक में नीलाम होगा आलू
कोल्ड स्टोरेज संचालकों को किसान के आलू की बिक्री के लिए खुली बैठक का आयोजन करना होगा। इसमें नीलामी के माध्यम से आलू की बिक्री की जाएगी। जितनी कीमत का आलू बिकेगा उसमें से किराया काटकर बाकी धनराशि किसान को दे दी जाएगी।
थोक में 35 और फुटकर में 40 रुपये प्रति किलो मिल रहा आलू
आलू की कीमतें पहले की अपेक्षा कुछ कम तो हुई हैं, लेकिन अब भी ग्राहकों को ऊंची कीमतों पर आलू की खरीद करनी पड़ रही है। पहले जहां आलू की कीमत 45 रुपये प्रति किलो थी तो वहीं अब फुटकर में आलू 40 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। थोक की अगर बात करें तो थोक में 35 रुपये प्रति किलो में आलू मिल रहा है।
हाईलाइटर
-20 हजार हेक्टेयर है आलू का क्षेत्रफल
-05 लाख मीट्रिक टन आलू का होता है उत्पादन
-03 लाख मीट्रिक टन आलू था कोल्ड में भंडारित
सभी किसानों को आलू की निकासी के लिए दो बार कोल्ड स्टोरेज संचालकों की तरफ से नोटिस भेजा गया। अब जो आलू कोल्ड स्टोरेज में रह गया है, उसके लिए किसान स्वयं जिम्मेदार होंगे।
अनीता सिंह, जिला उद्यान अधिकारी।