मैनपुरी। आलू की कीमत में उछाल से इस बार किसानों के चेहरे खिल गए हैं। थोक में 20 तो फुटकर में 30 रुपये प्रति किलो आलू बिक रहा है। लोगों को फुटकर में डेढ़ गुने दाम पर मिल रहा है। चार साल बाद आलू की कीमत अच्छी मिलने से किसान खुश हैं। जिले में भी बड़े पैमाने पर आलू की पैदावार की जाती है।
औसतन हर साल पांच लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन यहां होता है। इसमें से एक बड़ा भाग लगभग 60 प्रतिशत आलू कोल्ड में भंडारित किया जाता है। इसे किसान अच्छी कीमतों की उम्मीद में भंडारित करते हैं, लेकिन हर बार घाटा ही उठाना पड़ा। वर्तमान में किसानों का आलू दो हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। इससे किसानों को फायदा हो रहा है। औसतन उत्पादन पर नजर डालें तो एक बीघा में लगभग 20 क्विंटल आलू का उत्पादन होता है।
ऐसे में इससे किसानों को प्रति बीघा पैदावार लगभग 40 हजार रुपये मिल रहे हैं। वहीं आलू महंगा होने से जनता परेशान है। किसानों का आलू भले ही दो हजार रुपये प्रति क्विंटल यानी 20 रुपये प्रति किलो में बिक रहा है, लेकिन लोगों को फुटकर में 30 रुपये प्रति किलो में आलू मिल रहा है। हाईब्रिड व अन्य आलू जहां 30 रुपये प्रति किलो हैं तो वहीं 3797 प्रजाति और चिप्सोना 35 रुपये किलो में मिल रहा है। ये थोक की अपेक्षा डेढ़ गुना है।
निकासी की गति है धीमी
जिले के 50 कोल्ड स्टोरेज में लगभग 2.95 लाख मीट्रिक टन आलू का भंडारण किया था। नवंबर तक के लिए ये आलू भंडारित किया जाता है। इस समय आलू की कीमत और खपत जोरों पर है। इसके बाद भी केवल 27 प्रतिशत आलू की ही निकासी हो सकी है। किसान और कीमत बढ़ने के इंतजार में हैं। कृषि विशेषज्ञ उन्हें आलू की बिक्री करने की सलाह दे रहे हैं।
हाईलाइटर
-21 हजार हेक्टेयर है आलू का क्षेत्रफल
-5 लाख मीट्रिक टन हुआ उत्पादन
-2.95 लाख मीट्रिक टन का कोल्ड में हुआ भंडारण
-81 हजार मीट्रिक टन की हुई हुई है निकासी
आलू का भाव इस बार अच्छा है। किसान कोल्ड स्टोरेज में भंडारित आलू की निकासी कर उसकी बिक्री करते चलें। अगर भाव गिरता है तो किसानों को नुकसान हो सकता है। - अनीता सिंह, जिला उद्यान अधिकारी।