आगरा पुलिस को 561 नए सिपाही मिले हैं। इनमें से 199 ने आगरा में छह महीने का प्रशिक्षण प्राप्त किया। बुधवार को पुलिस लाइन में पासिंग आउट परेड में एडीजी जोन राजीव कृष्ण ने परेड की सलामी ली। सिपाहियों ने कर्तव्य एवं दायित्व शपथ ली और कहा कि अब सेवा करनी है। सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट को सम्मानित किया। इनके अलावा मुरादाबाद, अलीगढ़ और मथुरा में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 362 रिक्रूट को आगरा में तैनाती मिली है।
मुख्य अतिथि एडीजी जोन राजीव कृष्ण ने कहा कि आप अपने आधारभूत प्रशिक्षण के बाद विश्व के सबसे बड़े पुलिस संगठन उत्तर प्रदेश पुलिस बल का महत्वपूर्ण भाग बनने जा रहे हैं। बदमाशों से आम नागरिक की रक्षा करना पुलिस का दायित्व है। पासिंग आउट परेड में जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह, एसएसपी सुधीर कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी रहे। परेड कमांडर प्रथम जोनी, द्वितीय उज्जवल और तृतीय संजीव शर्मा रहे।
गाजियाबाद के जितेंद्र कुमार बने सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट
गाजियाबाद के दीनानाथ पुर पोठी निवासी जितेंद्र कुमार सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट रहे। उन्होंने विविध विषय में 1500 में से 1283 अंक प्राप्त किए। उन्हें एडीजी ने पुरस्कृत किया। उन्होंने बताया कि बीकॉम के बाद एमए किया है। उनके पिता जयवीर सिंह किसान हैं। वह अब भी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। पीसीएस बनना चाहते हैं।
यह भी रहे प्रथम
प्रशिक्षण के बाद अंत: कक्षीय, बाहृय कक्षीय परीक्षा में सर्वोत्तम स्थान प्राप्त करने वाले रिक्रूट चुने गए। इनमें गौरव मलिक, मोहम्मद आमिर आलम, विनीत कुमार, निखिल कुमार, प्रवेश चौधरी, जितेंद्र कुमार, मुनेंद्र, हरेंद्र यादव, कर्मजीत, आशीष कुमार, दीपक कुमार, पिंटू, संजीव कुमार ,पंकज यादव, विन, प्रशांत कुमार, कुलकीत, आकाश हुड्डा शामिल रहे।
मेरा सपना पूरा हो गया
पुलिस विभाग में भर्ती होने का मेरा सपना था। यह पूरा हो गया है। वह अब देश की सेवा करेंगे। पिता स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारी हैं। मां, बहन, भांजी और पिता आए हैं। - दीपक मान, छपरौली, बागपत
हर पीड़ित को न्याय मिले
पिता योगेंद्र सिंह ग्राम प्रधान हैं। बाबा और दो ताऊ पुलिस विभाग में थे। इसलिए मैं भी पुलिस विभाग में भर्ती होना चाहता था। एक ही लक्ष्य रहेगा हर पीड़ित को न्याय मिले। अपराधी जेल में हों। - आकाश हुड्डा, शामली
घर में ही तैयारी की
पिता रामगोपाल निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। इस कारण घर में ही तैयारी की। बीएसी, एमए किया। अब आगे सिविल सर्विसेज में जाना चाहते हैं। इसके लिए तैयारी में लगे हैं। - हरेंद्र यादव, गाजियाबाद
खेतों में दौड़ की तैयारी की
पिता किसान हैं। मगर, परिवार में चाचा, चचेरा भाई, भाभी पुलिस विभाग में हैं। इसलिए मैं भी पुलिस में जाना चाहता था। खेतों में दौड़ की तैयारी की। यूट्यूब से पढ़ाई करते थे। पुलिस की परीक्षा में प्रथम पुरस्कार मिला। - गौरव मलिक, शामली
पिता की मौत हुई, बेटे को मिली वर्दी
हापुड़ के रहने वाले अंकित कुमार भी सिपाही बने हैं। उन्होंने बताया कि पिता रोहताश सिंह मजदूरी करते थे। उन्होंने पुलिस में भर्ती होने के लिए कहा था। इसलिए तैयारी की। अब वो सिपाही बन गया है। मगर, कुछ दिन पहले पिता की मृत्यु हो गई। अब उनका सपना पूरा हो गया। अब वह कानून व्यवस्था बनाए रखने से लेकर गरीब और असहायों की मदद के लिए हमेशा आगे रहेगा।
परिवार के साथ बेटों ने खिंचाई फोटो
पुलिस लाइन मैदान में पासिंग आउट परेड के बाद नजारा ही अलग था। वर्दी पहने बेटों को मां-पिता के साथ परिवार के अन्य लोग गले लगा रहे थे। वहीं बेटे भी अपने मां-बाप सहित बड़ेजनों के पैर छूकर आशीर्वाद ले रहे थे। इस दौरान परिवार के लोगों ने सेल्फी भी लीं।