आगरा में बुधवार को इलेक्ट्रिक बसों का संचालन पूरे दिन ठप रहा। बिना नोटिस के परिचालकों को हटाने से गुस्साए कर्मचारियों ने निगम के डिपो पर ताला जड़ दिया। जिससे ई-बसों का संचालन ठप हो गया। कम्पसी कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इन कर्मचारियों ने करीब 10 घंटे तक प्रदर्शन किया। ई- बसें न चलने का फायदा ऑटो और रिक्शा चालकों ने उठाया। उन्होंने किराया बढ़ाकर यात्रियों से मनमाने दाम वसूले। शाम 6 परिचालकों को वापस लेने के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।
हड़ताल होने से दिनभर मार्गों पर कोई भी ई-बस नजर नहीं आई। रामबाग, भगवान टॉकीज, बिजली घर, आगरा कैंट ईदगाह पर लोगों को इंतजार करना पड़ा। नौकरीपेशा और अन्य यात्रियों ने ऑटो और ई-रिक्शा का सहारा लिया। दोपहर तक मार्गों पर ई-बसें नहीं आने पर ऑटो चालकों ने दोगुना किराया वसूला। इसे लेकर कई जगह ऑटो चालकों और यात्रियों के बीच विवाद भी हुआ।
बिना सूचना नौकरी से निकाला
परिचालक रवि शंकर, सनी सागर, राजू यादव, नितिन कुमार, सूरज ओर सचिन ने बताया कि हमें बिना किसी सूचना के 27 नवंबर को नौकरी से निकाल दिया। इसकी शिकायत कई बार उच्च अधिकारियों से की लेकिन कोई कारवाई नहीं हुईं। मजबूर होकर हड़ताल करनी पड़ी।
इतनी बसें रहीं प्रभावित
भगवान टॉकीज से आगरा कैंट- 40 बस
बिजली घर से टूंडला- 10 बस
बिजलीघर से खेरागढ़- 14 बस
बिजलीघर से फतेहाबाद- 8 बस
कैंट से ताजमहल- 4 बस
कैंट से टूंडला- 4 बस
रामबाग से रुनकता- 4 बस
ईदगाह से फतेहपुर सीकरी- 10 बस