दिल्ली जाने वाली ट्रेनें निरस्त होने के चलते शनिवार को यात्री स्टेशन पर परेशान रहे। स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ इस कदर थी कि प्लेटफाॅर्म से लेकर वेटिंग रूम तक में बैठने तक की जगह भी नहीं मिली।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को देखते हुए आगरा-दिल्ली के बीच दर्जनभर ट्रेनों के निरस्त होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवार को आगरा कैंट स्टेशन पर सैकड़ों यात्री ट्रेनों के इंतजार में भटकते रहे। प्लेटफॉर्म से लेकर प्रतीक्षालय तक यात्रियों की भीड़ रही। बैठने के लिए जगह नहीं मिली तो कोई फर्श पर बैठ गया, तो कोई थक-हारकर वहीं लेट गया। घंटों इंतजार के बाद भी ट्रेन कब आएगी, इसकी सही जानकारी नहीं मिलने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई। उधर, ट्रेनों में प्रदर्शनकारियों के दिल्ली पहुंचने की आशंका के बीच आरपीएफ सुरक्षा जांच में जुटी रही। ट्रेनों के निरस्त होने के कारण 68 यात्रियों ने 18 हजार रुपये से अधिक का रिफंड लिया।
कैंट स्टेशन पर यात्रियों का आवागमन जारी रहा। एंट्री गेट पर आरपीएफ का सुरक्षा दस्ता बैगेज स्कैनर से सामान की जांच करता नजर आया। स्टेशन पर सुरक्षा के इंतजाम थे, लेकिन ट्रेनों के इंतजार में बैठे यात्रियों के लिए मुश्किलें कम नहीं हो रही थीं। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर बैठने के लिए लगीं सभी बेंच फुल थीं। जगह नहीं मिली तो यात्री फर्श पर बैठकर अपनी ट्रेन का इंतजार करते रहे। कई यात्री थककर फर्श पर ही सो गए।
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द्वितीय श्रेणी के प्रतीक्षालय में यात्रियों की संख्या सामान्य थी, लेकिन प्रथम श्रेणी का प्रतीक्षालय खचाखच भरा हुआ था। यहां भी बैठने तक की जगह नहीं बची थी। ऐसे में कई यात्रियों को फर्श पर बैठकर समय गुजारना पड़ा। हर कोई अपनी ट्रेन के आने का इंतजार कर रहा था, लेकिन ट्रेनों के निरस्त होने और देरी की जानकारी नहीं मिलने से यात्री परेशान होते रहे। जैसे-जैसे घड़ी ने दो बजे का समय नापा, प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी। एक ईएमयू के स्टेशन पर पहुंचते ही यात्री उसकी ओर दौड़ पड़े। कुछ यात्री कोच में चढ़ गए, जबकि कुछ को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। अपनी मंजिल के लिए उपयुक्त ट्रेन नहीं मिलने पर वे अगली ट्रेन का इंतजार करने लगे। स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ और इंतजार का सिलसिला जारी रहा।
डेढ़ घंटे से कर रहे थे ट्रेन का इंतजार, निरस्तीकरण की नहीं थी जानकारी
फिरोजाबाद से पुणे जाने के लिए स्टेशन पहुंचे नाहर सिंह ने बताया कि वह डेढ़ घंटे से ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें पता ही नहीं था कि आज ट्रेनें निरस्त हैं। उनका कहना था कि भाई ने बताया था कि ट्रेन दोपहर 2:30 बजे कैंट स्टेशन पर आएगी। इसी उम्मीद में वह स्टेशन पहुंच गए, लेकिन यहां आने के बाद परेशानी का सामना करना पड़ा। पनकी से आए मनीष को उदयपुर जाना था। उन्होंने बताया कि स्टेशन पहुंचने पर पता चला कि उनकी ट्रेन शाम सात बजे आएगी। ऐसे में उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, क्या करें? ट्रेन के इंतजार में समय काटना उनकी मजबूरी बन गया।
लुहारगली से कैंट स्टेशन पहुंचे विनोद को ग्वालियर जाना था। उन्होंने बताया कि उन्हें ट्रेन के काफी लेट होने की जानकारी दी जा रही है। टिकट भी ले चुके हैं, लेकिन ट्रेन कब तक आएगी, इसका पता नहीं है। उन्होंने कहा, कोई कुछ बता ही नहीं रहा। सही जानकारी नहीं मिलने से उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि कितनी देर तक स्टेशन पर इंतजार करना पड़ेगा। वहीं, मधु को फरीदाबाद जाना था। उन्होंने बताया कि अभी ट्रेन नहीं है। ऐसे में उन्हें भी स्टेशन पर इंतजार करना पड़ रहा था।